एफआईआर-घोड़ाडोंगरी वितरण केन्द्र में राजस्व संग्रह की राशि गबन करने के आरोप में सहायक राजस्व अधिकारी निलंबित

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राजेश साबले जिला ब्यूरो 

  • जनसंपर्क मध्य क्षेत्र आर्थिक अनियमितता के मामलों में कंपनी की जीरो टोलरेंस नीति
  • घोड़ाडोंगरी वितरण केन्द्र में राजस्व संग्रह की राशि गबन करने के आरोप में सहायक राजस्व अधिकारी निलंबित
  • गबन के आरोप में पुलिस थाना रानीपुर बैतूल में एफआईआर की कार्यवाही

भोपाल 11 मई। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के बैतूल वृत्तांतर्गत वितरण केन्द्र घोड़ाडोंगरी में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी श्री दशरथ दरवाई द्वारा राजस्व संग्रह राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं करते हुए राशि का गबन होना प्राथमिक जांच में सही पाया गया है। आर्थिक अनियमितता के इस आरोप में सहायक राजस्व अधिकारी श्री दशरथ दरवाई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। श्री दशरथ दरवाई पर थाना रानीपुर बैतूल में एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही कर दी गई है।

गौरतलब है कि बैतूल वृत्त के घोड़ाडोंगरी वितरण केन्द्र में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी श्री दशरथ दरवाई द्वारा कंपनी के राजस्व संग्रह का कार्य किया जा रहा था। राजस्व संग्रह के दौरान श्री दशरथ दरवाई द्वारा विद्युत उपभोक्ता से प्राप्त राशि रूपये 6968 कंपनी के खाते में जमा न करते हुए स्वयं रख ली गई थी। संभागीय कार्यालय द्वारा प्रकरण में जांच के दौरान राजस्व राशि का गबन होना पाये जाने पर श्री दशरथ दरवाई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय उपसंभाग आमला नगर जोन किया गया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री गणेश शंकर मिश्रा ने सचेत किया है कि अनफेयर तरीके से काम करने वाले कार्मिकों और आर्थिक अनियमितता एवं उपभोक्ता सेवाओं को लेकर कोताही बरतने वाले कार्मिकों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस की नीति है और सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरन्तर प्रयास करते रहें। प्रबंध संचालक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि कंपनी एवं उपभोक्ता सेवा संबंधी कार्य पूरी सजगता, ईमानदारी और पारदर्शिता से करें। उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है और उपभोक्ताओं से अन्याय एवं धोखाधड़ी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिये है कि आर्थिक अनियमितताओं और सेवाओं में लापरवाही के मामलों में सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे कार्य निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें और उपभोक्ताओं के हितों का हमेशा ध्यान रखें।