लगातार मौसम प्रणालियां बनने से फिलहाल भीषण गर्मी से राहत

Scn news india
मनोहर
भाेपाल । एक के बाद एक मौसम प्रणालियां बनने के कारण फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिली हुई है। वातावरण में नमी आने से बादल छा रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलाें में अधिकतम तापमान में अधिक बढ़ाेतरी नहीं हाे रही है। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक वर्तमान में मप्र में भी दाे मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने से शनिवार काे भी बादल रह सकते हैं। इससे दिन के तापमान में अधिक बढ़ाेतरी हाेने के आसर कम ही हैं। नमी कम रहने के कारण कहीं-कहीं बूंदाबांदी हाे सकती है। उधर शुक्रवार काे प्रदेश में सबसे अधिक 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार काे शहर का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया, जाे सामान्य से एक डिग्रीसे. अधिक रहा। यह गुरुवार के अधिकतम तापमान 40.9 डिग्रीसे. की तुलना में 0.8 डिग्रीसे. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जाे सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। साथ ही यह गुरुवार के न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 1.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात काे हवा का रुख उत्तरी हाेने के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार काे भी राजधानी का अधिकतम तापमान 42 डिग्रीसे. के आसपास बना रहने का अनुमान है।
♦️ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
वर्तमान में अफगानिस्थान और उसके आसपास एक पश्चिमी विक्षाेभ ट्रफ के रूप में बना हुआ है। हरियाणा में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी मप्र पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर विदर्भ हाेते हुए तमिलनाडू तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इस वजह से वातावरण में कुछ रही नमी आने के कारण बादल छाने लगे हैं। इससे तापमान में अधिक बढ़ाेतरी नहीं हाे रही है।
♦️बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
बंगाल की खाड़ी में अंडमान के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके शनिवार काे अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित हाेने के आसार हैं। इस समुद्री चक्रवात के 10 मई काे उत्तरी आंध्र प्रदेश एवं दक्षिणी ओडीशा के बीच में टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी मप्र के जिलाें में बादल छा सकते हैं।