प्राकृतिक खेती के लिए ब्लॉकवार कृषि भूमि चिन्हित करें – हर्षिका सिंह

Scn news india

योगेश चौरसिया जिला ब्यूरो मंडला 

कलेक्टर हर्षिका सिंह ने प्राकृतिक खेती को जिले में बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन के द्वारा जारी निर्देशों के संबंध में बैठक ली। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, आजीविका, कृषि विज्ञान केन्द्र, नाबार्ड एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। श्रीमती सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए ब्लॉकवार जमीन चिन्हित करें। इसी प्रकार ऐसे किसान जो प्राकृतिक खेती करना चाहते हैं एवं प्राकृतिक खेती के महत्व से परिचित हैं उन्हें प्राथमिक रूप से प्राकृतिक खेती से जोड़ें। उन्होंने आजीविका मिशन को निर्देशित किया कि ब्लॉकवार ऐसे सक्रिय स्व-सहायता समूहों को भी चिन्हित करें, जो प्राकृतिक खेती से जुड़ें हैं या इस संबंध में कार्य करने के इच्छुक हैं। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में लगभग एक हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का चयन करें। उन्हांेने अन्य योजनाओं के साथ प्राकृतिक खेती को समन्वित करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए क्लस्टर स्तर पर किसानों का चयन करें। उन्हें प्राकृतिक खेती का महत्व बताएं तथा इससे होने वाले फायदों की जानकारी दें। श्रीमती सिंह ने कहा कि ऐसे किसान जिनके पास पशुधन पर्याप्त मात्रा में है उन्हें भी प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित करें। कलेक्टर ने कहा कि सक्रिय स्व-सहायता समूहों से भी संपर्क करें। इसी प्रकार कृषक समूह का गठन करते हुए उन्हें प्राकृतिक खेती की जानकारी देने एक्सपोजर विजिट कराएं। श्रीमती सिंह ने कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती की कार्ययोजना को फलीभूत करने के लिए जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के साथ समिति बनाएं, जो ब्लॉकवार जमीन चिन्हांकन से लेकर सभी गतिविधियों को संपन्न करें।

श्रीमती सिंह ने कहा कि ऐसे किसान जो प्राकृतिक खेती करने के लिए तैयार हो जाते हैं उनका किसान क्रेडिट कार्ड तत्काल बनाएं। उन्हें बीज, एक्सपोजर विजिट तथा अन्य सुविधाएं प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सीजन के पूर्व सभी जरूरी तैयारियां पूरी करते हुए प्राकृतिक खेती के लिए प्रभावी कार्य करें। श्रीमती सिंह ने कहा कि नावार्ड एवं कृषि विभाग प्राकृतिक खेती की संपूर्ण जानकारी से संबंधित वीडियो बनाएं तथा वर्कशॉप एवं किसान चौपाल के दौरान वीडियो के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें। बैठक में उन्होंने उद्यानिकी विभाग को भी प्राकृतिक खेती के लिए जिम्मेदारी दी।