कैबिनेट के फैसले -मध्यप्रदेश फसल विविधीकरण हेतु प्रोत्साहन योजना लागू होगी

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मनोहर 

भोपाल-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में गेहूँ एवं धान के रकबे तथा उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि होने, समर्थन मूल्य पर उपार्जन के खर्च में वृद्धि और इस फसलों के कारण प्रदेश में पर्यावरण असंतुलन की स्थिति निर्मित होने के मद्देनजर मध्यप्रदेश फसल विविधीकरण हेतु प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना के प्रस्ताव अनुसार आवेदक कम्पनी/संस्था से प्राप्त प्रस्तावों को संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा परीक्षण कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय परियोजना परीक्षण समिति (State Level Project Screening Committee) की अनुशंसा के बाद निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति (Cabinet Committee for Investment Promotion-CCIP) द्वारा स्वीकृति प्रदान की जायेगी। योजना में स्वीकृत प्रस्तावों का क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा किया जायेगा। योजना में गेहूँ और धान के स्थान पर बोई जाने वाली गैर एम.एस.पी. फसलों को कवर किया जायेगा। इससे प्रदेश में रसायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण-संरक्षण, जैव विविधता और टिकाऊ खेती संभव होगी। साथ ही समर्थन मूल्य पर उपार्जन में कमी और दलहन-तिलहन के आयात पर निर्भरता कम होगी।

प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन

   मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में प्राकृतिक कृषि के प्रसार को बढ़ाने के लिए एवं सतत् मार्गदर्शन से किसानों को प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की वित्तीय सहायता से एक स्वतंत्र संगठन के रूप में “मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड” गठन किये जाने का निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड में निगरानी एवं समीक्षा के लिये राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शीर्ष निकाय और  मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाऐगा। बोर्ड के राज्य परियोजना संचालक अपर मुख्य सचिव, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और कार्यकारी संचालक, संचालक कृषि होंगे। बोर्ड का मुख्यालय भोपाल होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में आत्मा गवर्निंग बोर्ड के निर्देशन में जिला परियोजना संचालक आत्मा द्वारा योजना क्रियान्वित की जाएगी। बोर्ड में 17 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। बोर्ड के अमले के वेतन, भत्ते एवं अन्य प्रशासकीय व्यय आदि के लिए लगभग 5 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का वित्तीय भार आयेगा।

अनुसूचित जाति कल्याण की 3 नवीन योजनाओं के क्रियान्वयन का निर्णय

  मंत्रि-परिषद् द्वारा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल को और अधिक उपयोगी और सक्रिय किये जाने एवं अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्व-रोजगार के और अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से नवीन योजनाओं यथा संत रविदास स्व-रोजगार योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया।

      संत रविदास स्व-रोजगार योजना में विनिर्माण गतिविधियों के लिये 1 लाख से 50 लाख रूपये और सेवा/व्यवसाय के लिये 1 लाख से 25 लाख रूपये तक की परियोजनाएँ स्वीकृत की जायेगी। ऋण पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान दिया जायेगा। बैंक ऋण गारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्ष तक निगम वहन करेगा। इस योजना के लिये परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। योजना में 5 वर्ष में 209 करोड़ 40 लाख रूपये का व्यय संभावित है।

  डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना में सभी प्रकार की स्व-रोजगार गतिविधियों के लिये 10 हजार रूपये से 1 लाख रूपये तक की परियोजनाएँ स्वीकृत की जायेगी। ऋण पर 7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान दिया जायेगा। साथ ही बैंक ऋण गारंटी शुल्क प्रचलित दर पर अधिकतम 5 वर्ष तक निगम वहन करेगा।

 मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना वित्त पोषण योजना के अंतर्गत विभिन्न लाइन विभागों/निगम/जिला कलेक्टर से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर अधिकतम 2 करोड़ रूपये तक की परियोजना स्वीकृत हो सकेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर उक्त राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी। योजना में कम से कम तीन चौथाई लाभार्थी अनुसूचित जाति वर्ग के होना अनिवार्य होगा।

युक्तियुक्तकरण

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण औषधि, सामग्री, उपकरणों के क्रय के लिये गठित मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कार्पोरेशन द्वारा वर्तमान में उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं के अतिरिक्त प्रदेश के नागरिकों को पीपीपी मॉडल पर सीटी स्केन, डायलिसिस आदि सेवाओं को उपलब्ध कराने कार्पोरेशन के लिये स्वीकृत अमले के युक्तियुक्तकरण की स्वीकृति प्रदान की।

नवीन पद सृजन

   मंत्रि-परिषद ने नर्सिंगमहाविद्यालय इन्दौर में पूर्व से स्वीकृत लेखाधिकारी के  एक  पद का उन्नयन वेतनमान 15600-39100+5400 GP में करते हुए तथा वित्त अधिकारी (उप संचालक) का  एक  पद वेतनमान 15600-39100+6600 GP एवं वित्त अधिकारी (सहायक संचालक) के 19 पद वेतनमान 15600-39100+5400 GP के अतिरिक्त निश्चित वेतनमान पर उप रजिस्ट्रार का  एक  पद, अस्पताल प्रबंधक के07 पद, अस्पताल सहायक प्रबंधक के 23 पद तथा बायोमेडिकल इंजीनियर के  18 पद, इस प्रकार कुल 69 नवीन पदों के सृजन की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की।

मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश 2022

  नगरीय निकायों में आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिये मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश 2022 लाया जा रहा है। अध्यादेश में किसी व्यक्ति द्वारा जान-बूझकर अथवा उपेक्षापूर्वक किसी मवेशी अथवा अन्य पशु को सार्वजनिक सड़क अथवा स्थान पर खुला छोड़ा अथवा बांधा जाता है, जिसके कारण किसी व्यक्ति को क्षति होती है या संपत्ति को नुकसान होता है या लोक यातायात को बाधा पहुँचती है या संकटापन्न होता है या लोक न्यूसेंस कारित होता है, तो वह राज्य सरकार द्वारा विहित जुर्माने से जो एक हजार रुपये से अधिक का नहीं होगा, दंडनीय होगा।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का गठन

    मंत्रि-परिषद ने पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर मध्यप्रदेश (PARAM) फाउंडेशन से प्रदेश के प्रथम चरण में 32 एवं द्वितीय चरण में 10 ऐसी शासकीय आईटीआई, जिनमें 1-3 ट्रेड संचालित हैं एवं प्रशिक्षणार्थियों के नामांकन एवं प्लेसमेंट दर भी अपेक्षाकृत कम है, में संचयी प्रशिक्षण क्षमता के साथ सुनिश्चित प्लेसमेंट और कौशल ॠण वित्त पोषण सेट-अप के साथ राज्य स्तर पर “Special Purpose Vehicle” के साथ व्यवसायिक शिक्षा/उद्यमिता के लिए विशेष आईटीआई की संकल्पना के आधार पर संस्थाओं का उन्नयन किये जाने के लिये पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के गठन की स्वीकृति प्रदान की। 

300 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना

      मेसर्स आर्यन एम.पी. पावर जनरेशन प्रायवेट लिमिटेड द्वारा जिला सीधी में 1200 मेगावॉट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना की स्थापना हेतु मेसर्स आर्यन के पास जिला सीधी में कुल 419.3 (374.17 हेक्टेयर अधिग्रहित + 45.130 हेक्टेयर आवंटित) हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। उक्त ताप विद्युत परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति एवं कोल लिंकेज प्राप्त नहीं होने के कारण मेसर्स आर्यन द्वारा अधिग्रहित भूमि (374.17 हेक्टेयर) पर 300 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजना स्थापना हेतु राज्य शासन से भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति चाही गई है। मंत्रि-परिषद् द्वारा इस ताप विद्युत परियोजना हेतु अधिग्रहित भूमि पर मेसर्स आर्यन को 300 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की अनुमति इस शर्त पर प्रदान की गई कि मेसर्स आर्यन द्वारा पूर्व में ताप विद्युत परियोजना हेतु निष्पादित अनुबंध दिनांक 24 अगस्त 2013 को समाप्त किया जाएगा। प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजना से 10 प्रतिशत विद्युत 25 वर्ष की अवधि के लिये परियोजना स्थापना से 3 वर्ष पूर्व तक मध्यप्रदेश में प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के अंतर्गत प्राप्त न्यूनतम सौर ऊर्जा दर पर क्रय करने का पहला अधिकार एम. पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी का रहेगा।

मोटर ट्रांसपोर्ट स्कूल की स्थापना

            मंत्रि-परिषद ने  दतिया जिले में मोटर ट्रांसपोर्ट स्कूल की स्थापना किये जाने तथा नवीन पदों के सृजन की मंजूरी दी।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

      मंत्रि-परिषद ने विशेष प्रकरण मानते हुए खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मद में उपलब्ध बजट से मुख्यमंत्री के द्वारा की गई घोषणाओं की पूर्ति करने का अनुमोदन/अनुसमर्थन किया। इसमें श्री विवेक सागर प्रसाद को प्रदान की गई राशि 1 करोड़ रूपये तथा भारतीय महिला हॉकी टीम की 19 खिलाड़ियों को 31-31 लाख रूपये की सम्मान राशि की कार्योंतर स्वीकृति दी। साथ ही श्री नीलाकान्ता शर्मा को 1 करोड़ रूपये, श्री शिवेन्द्र सिंह को 25 लाख रूपये तथा श्री विवेक सागर प्रसाद को उनके द्वारा म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसरंचना विकास मंडल द्वारा निर्मित Sapphire Park City Phase-1, भोपाल में भवन क्रमांक A-85 चयनित किया गया है, जिसका वर्तमान मूल्य एक करोड़ 4 लाख 34 हजार 528 रूपये है, इस प्रकार कुल राशि 2 करोड़ 29 लाख 34 हजार 528 रूपये के लिये 6 अप्रैल 2022 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया।

परिसम्पत्ति का निर्वर्तन

    मंत्रि-परिषद ने दी प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कम्पनी लि. की मुम्बई स्थित टैंक बंदर परिसम्पत्ति की लीज विक्रय हेतु H-1 निविदाकार मेसर्स ए.ई.सी.पी.एल. प्रापर्टीज प्रा.लि. की निविदा बोली मूल्य राशि 85 करोड़ 96 लाख रूपये का अनुमोदन किया।  प्रबंधक संचालक, दी प्राविडेंट इंवेस्टमेंट कम्पनी लि. द्वारा कलेक्टर मुम्बई से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाएगा एवं निविदाकार को लीज़ अंतरण एवं भूमि पर कब्जा प्राप्त करने हेतु पूर्ण सहयोग दिया जायेगा। निविदाकार द्वारा 01 जनवरी2019 से 31दिसम्बर 2042 तक लीज़ किराया का भुगतान किया जाएगा। निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100% जमा करने के उपरांत दी प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कम्पनी लि. द्वारा उक्त परिसम्पत्ति की लीज अवधि 31 दिसम्बर 2042 तक लीज परिसम्पत्ति के विक्रय पंजीकृत अनुबंध के संपादन एवं H-1 निविदाकार के पक्ष में नामांतरण (mutation) किया जायेगा।

  मंत्रि-परिषद ने राजस्व विभाग की ग्राम महाराजपुर, तहसील आधारताल, जिला जबलपुर स्थित भूमि परिसम्पत्ति के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 1 करोड़ 51 लाख 51 हजार 515 रूपये का अनुमोदन करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के बाद अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया ।

   मंत्रि-परिषद द्वारा जल संसाधन विभाग की बालाघाट वारासिवनी मुख्य मार्ग, ग्राम कायदी, ब्लॉक- वारासिवनी, जिला बालाघाट,मध्य प्रदेश स्थित भूमि परिसम्पत्ति के निर्वर्तन हेतु H-1 निविदाकार उच्चतम निविदा राशि 5 करोड़ 15 लाख रूपये का अनुमोदन करते हुए उसे विक्रय करने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100% जमा करने के उपरांत अनुबंध/रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया।

    मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की जिला भूमि विकास बैंक (OLDB) की भूमि एवं भवन, जिला खरगोन, स्थित परिसम्पत्ति का निर्वर्तन किए जाने हेतु उच्चतम निविदा 14 करोड़ 3 लाख 50 हजार रूपये,  जो कि रिजर्व मूल्य राशि 13 करोड़ 6 लाख रूपये से अधिक है, के अनुमोदन के साथ एच-1 निविदाकार द्वारा जमा की गयी सम्पूर्ण राशि प्रथमत: शासन के खाते में जमा करने के पश्चात परिसमापक के खाते में स्थानांतरित किये जाने एवं H-1 निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100 प्रतिशत जमा करने के उपरांत विक्रय अनुबंध की कार्यवाही परिसमापक उपायुक्त सहकारिता, जिला भूमि विकास बैंक (DLDB) खरगोन द्वारा किये जाने का निर्णय लिया।

    मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की तिलहन संघ के प्र-संस्करण संयंत्र, जरेरूआ, मुरैना, स्थित परिसम्पत्ति पर स्थापित प्लांट एवं मशीनरी को स्क्रेप के रूप में निर्वर्तन किए जाने के लिये उच्चतम निविदा राशि 2 करोड़ 49 लाख 12 हजार रूपये के अनुमोदन के साथ एच-1 निविदाकार द्वारा जमा की गयी सम्पूर्ण राशि प्रथमतः शासन के खाते में जमा करने के बाद परिसमापक के खाते में स्थानांतरित किये जाने और निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100 प्रतिशत जमा करने के उपरांत विक्रय अनुबंध की कार्यवाही म.प्र. राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक, संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा किये जाने का निर्णय लिया गया। 

अन्य निर्णय

  मंत्रि-परिषद ने  वन विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश संवर्ग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक लेवल 16 वेतनमान रुपये 2,05,400-2,24,400 में आवंटन वर्ष 1988 बैच तथा उसके पूर्व के अधिकारियों की पदोन्नति उपरांत सेवानिवृति अथवा 31 मई 2023 जो भी पहले हो, अस्थायी रूप से अतिरिक्त 4 पद भारतीय वन सेवा (कैडर) नियम, 1966 के 4(2) के प्रावधानों के अनुसार सृजित करने का अनुमोदन किया।

  मंत्रि-परिषद ने “घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु जनजाति विभाग” का नाम बदलकर “विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग” करने हेतु मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किये जाने का निर्णय लिया।