तीन साल बाद लगा चैत मेला उमड़ी – मन्नत पूरी करने के लिए गाड़ा खींचने की परंपरा

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दीनू पवार साईखेड़ा 

सांईखेड़ा:- प्राचीन परम्परानुसार ग्रामीण अंचलो में कई मान्यताएं प्रचलित है जिनका जीवंत प्रमाण आज भी भारत के ग्रामीण अंचलों में देखने को मिल जाता है।  ग्रामीण आपने आराध्य की उपासना भिन्न भिन्न भांति से अपनी भावना को प्रदर्शित करने में करते है। सच कहे तो ग्रामीण अंचलों में ही आस्था आज भी जीवित है।

इसी का प्रमाण है गाड़ा खींचने की परंपरा , जो बड़ी शिद्द्त से ग्रामीण पूरी करते है। साईखेड़ा में भी देर शाम आस्था की इस अविरल सरिता का भक्तिमय प्रवाह देखने को मिला।

चैत पर्व पर शिव मन्दिर प्रांगण में लगने वाले मेले में लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए गाड़े खीचे। बता दे कि कोरोना काल के दौरान बीते दो वर्षो से मेला  नही लग सका था।यही वजह रही की  तीन साल बाद लगे मेले में पहुँचे  लोगों का उत्साह भी दोगुना था। जहाँ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणो ने पूजा अर्चना   कर  शिव मन्दिर में तेल चढ़ा कर जोत जलाई ।