शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ चतुर्वेदी का बहाली आदेश हुआ जारी जिला चिकित्सालय एसएनसीयू प्रभारी के पद पर यथावत देंगे अपनी सेवाएं

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अमित त्रिपाठी
जिला चिकित्सालय में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ योगेंद्र चतुर्वेदी के निलंबन बहाली के आदेश मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा विगत दिवस जारी किया गया है। डॉ चतुर्वेदी अब पन्ना जिला चिकित्सालय में फिर से अपनी सेवाएं देने लगेंगे । ज्ञात है कि डॉ योगेंद्र चतुर्वेदी को बीते कुछ महीनों पहले एसएनसीयू में बच्चों की मौत सामान्य से अधिक होने इंफेक्शन रेसियो अधिक होने और राजनीति करने सहित अन्य आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था । जिसके परिप्रेक्ष्य में डॉ योगेंद्र चतुर्वेदी द्वारा 100 पेज का जवाब आयुक्त एवं मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत किया गया था । जिसमें डॉक्टर चतुर्वेदी द्वारा इंफेक्शन एवं शिशु मृत्यु दर के बारे में उल्लेख किया था कि जिला चिकित्सालय में इंफेक्शन रोकने हेतु जांच हेतु लैब टेक्नीशियन एवं जांच में उपयोग होने वाले उपकरणों की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन द्वारा करने का प्रावधान है एवं इस हेतु उन्हें प्रदेश सरकार से बजट भी दिया जाता है। यदि कमी है तब उसके लिए वही उत्तरदाई हैं । यदि समय पर जांच होती और एसएनसीयू वार्ड में खराब पड़े उपकरणों को समय पर सही कराया जाता तो निश्चित रूप से शिशु मृत्यु दर को और कम किया जा सकता था । जिसका उन्होंने प्रस्तुत किए गए जवाब में स्पष्ट उल्लेख किया है । उन्होंने प्रस्तुत किये जबाब में यह भी कहा है कि यदि प्रदेश के सबसे अच्छे एस एसएनसीयू का आकलन किया जाए तो आज भी पन्ना जिला चिकित्सालय उनके कार्यकाल में प्रदेश के 10 सबसे अच्छे एसएनसीयू अस्पतालों में से एक होगा ।
जवाब से संतुष्ट होते हुए दिनांक 9 जनवरी 2020 को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल द्वारा उनकी निलंबन को लेकर बहाल करते हुए उनकी पदस्थापना यथावत रखने का आदेश जारी किया गया है । जिससे डॉ चतुर्वेदी एक बार पुनः एसएनसीयू प्रभारी जिला चिकित्सालय मैं अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे । गौरतलब है कि जब डॉ चतुर्वेदी को निलंबन किया गया था तब नगर के लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से काफी विरोध किया गया था साथ ही जिला प्रशासन को नगर वासियों द्वारा उनकी बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपे गए थे । डॉ योगेंद्र चतुर्वेदी की बहाली पर नगर के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है ।
ज्ञात हो कि पन्ना जिले में चिकित्सकों के पद बड़ी तादात में रिक्त पड़े हुए हैं जिनके भरने को लेकर स्थानीय समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी सहित जिले के जनप्रतिनिधियों एवं राजनेताओं द्वारा भी प्रदेश स्तर पर डॉक्टरों की पदस्थापना पन्ना जिला में किए जाने की मांग की जाती रही है और जिले से एक डॉक्टर के निलंबन होने पर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराया गया था।
डॉ चतुर्वेदी का 100 पेज का जवाब खोलेगा कई राज
जिला चिकित्सालय पन्ना के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर योगेंद्र चतुर्वेदी द्वारा जो 100 पेज का तथ्यात्मक जवाब संचनालय सेवाएं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है । यदि उसकी निष्पक्ष जांच पड़ताल प्रदेश स्तर के अधिकारियों द्वारा की गई तो उसमें पन्ना जिले के कई जिम्मेदार अधिकारी चपेट में आ सकते हैं । बताया जाता है कि जो डॉ चतुर्वेदी द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया है उसमें उन्होंने तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की है । जिसमें जिले के कई जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य के साथ लिखा हुआ है और उन पर निलंबन की कार्यवाही अवैधानिक रूप से साजिश के तहत कराई गई थी। लेकिन उनके द्वारा पेश किए जवाब पर लोक संचनालय सेवाएं स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा उन्हें यथावत रखने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही निलंबन कार्यवाही पर जांच कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए गए हैं । जिससे यह प्रतीत होता है कि आने वाले समय में जो उनके द्वारा 100 पेज का तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत किया गया है उसकी निष्पक्ष जांच कार्यवाही की गई तो निश्चित रूप से पन्ना जिले के कई जिम्मेदार अधिकारी उसकी चपेट में आ सकते हैं और उन पर कार्यवाही की गाज गिर सकती है।

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