हमारे जिले की मुखिया जिलाधीश महोदया जब महिला होकर के जिले का संचालन सुचारू रूप से कर सकती है तो फिर हम क्यों नहीं

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योगेश चौरसिया जिला ब्यूरो मंडला 

मातृ शक्ति को प्रणाम. 

कहते है कि दिल मे कुछ कर दिखाने का जज्बा ओर लगन हो तो कोई भी काम मुशिकल नहीं फिर काम कोई भी हो कल यानी 2 अप्रैल से हिन्दू नव वर्ष और नवरात्रि पर्व की शुरुआत होने जा रही है जिसमे नव दिन तक नव शक्तियों की पूजा ओर आराधना की जाती है।
गर्मी की शुरुआत होने के साथ मे पानी की किल्लत भी जिले के बहुत से गाँव में होने लगी है जिसके चलते कलेक्टर हर्षिका सिंह  द्वारा  मंडला जिले को अप्रैल से जून तक के लिए सूखा घोषित करने का निर्णय लिया है। तो वहीँ विभागों की अभी से जल संरक्षण की दिशा में ठोस व् प्रभावी कदम उठाने एवं पिने के पानी की आपूर्ति में लापरवाही ना बरतने के निर्देश भी दिए है ताकि भीषण गर्मी में घटते जल स्तर में भी पानी की समुचित व्यवस्था जारी हो सके जिस हेतु अभी से तैयारियां शुरू हो गई है। उनके  जल संरक्षण का सन्देश असर अब ग्रामीण अंचलो में भी देखने को मिल रहा है।

महिला समूहों ने बदली तस्वीर 

गर्मी के शुरू होते ही जहाँ ग्रामीण अंचलो में तालाब पोखर सूखे  व बदबूदार गंदे पानी में तब्दील हो जाया करते थे आज उनकी सूरत बदली हुई है। ताजे पानी से सराबोर पोखर देखे जा सकते है। ये चमत्कार किया है गाँव की महिलाओ ने।

साफ पानी की किल्लत और  परेशानी को देखते हुए ग्राम करियागाव में “माँ नर्मदा महिला आजीविका संघठन”की ग्राम अध्यक्ष ,सचिव व समूह की अन्य महिलाओं द्वारा नदियों पर पानी को रोकने ओर नदी में जमी गंदगी को हटाने के लिए बीड़ा उठाया जिससे कि गर्मी में गाँव वालों को ओर पशुओं को साफ पानी मिल सके, साथ मे इन महिलाओं द्वारा गाँव पर बागवानी ओर पोषण वाटिका का कार्य भी किया जाता है जिसमे तरह तरह की हरी सब्जियों को उगा कर ओर पैदावारी कर दो पैसे कमाने का जरिया इन्होंने डूड रखा है जिससे कि गाँव वालों को गर्मी के मौसम  में भी आसानी से हरि सब्जियां उपलब्ध हो सके।


इन सब कार्यों के लिए इन महिलाओं को विशेष रूप से परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है परतुं जब समूह की महिलाओं से बात करने का अवसर मिला और हमारे संवाददता ने  बात की  तो इन्होंने बहुत ही सुंदर जबाब दिया कि….
“हमारे जिले की मुखिया अर्थात जिलाधीश महोदया जब महिला होकर के जिले का संचालन सुचारू रूप से कर सकती है तो फिर हम क्यों कुछ अच्छा काम नहीं कर सकते”!!

छोटे-छोटे गाँव पर ऐसे ही कुछ समूहों की जरूरत है जिससे गाँव-गाँव जागरूकता फैल सके ओर निरंतर अच्छे कार्य जमीनी स्तर पर हो सके साथ में ऐसा अच्छा और नेक कार्य करने वाली महिलाओं को ओर संघठनों को प्रोत्साहन करने की भी जरूरत है जिससे कि इनका हौसला निरंतर बना रहे।।

मातृ शक्ति को नमन नवरात्रि की आप सभी को शुभकामनाएं.!!