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विश्व में सबसे समृद्ध है हमारा लोक तंत्र – मंत्री डॉ. मिश्रा

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मनोहर 

“भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियाँ और समाधान विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार

गृह और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि हमारा लोकतंत्र विश्व का सबसे समृद्धशाली लोकतंत्र है। संविधान में प्रत्येक बिन्दु पर प्रमुखता और विस्तार से उल्लेख किया गया है। डॉ. मिश्रा पं. कुंजीलाल दुबे संसदीय विद्यापीठ द्वारा प्रशासन अकादमी में “भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियाँ और समाधान” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक संसदीय विद्यापीठ श्री आई.सी.पी. केसरी, सचिव विधानसभा सचिवालय श्री ए.पी. सिंह भी मौजूद थे।

मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि सशक्त नेतृत्व में लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के सशक्त लोकतंत्र की वैश्विक स्तर पर धाक है। भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाये रखने का जिम्मा राजनैतिक दलों का है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी चुनौती परिवारवाद है। हमारा दल ऐसा दल है, जिसमें परिवारवाद के लिये कोई स्थान नहीं है। अन्य दलों में आमजन आसानी से बता सकता है कि भविष्य में उनका नेतृत्व कौन करेगा। हमारे दल के संबंध में कोई भी व्यक्ति कभी भी इस प्रकार की भविष्यवाणी नहीं कर सकता है। राष्ट्रवादी सोच के साथ ही लोकतंत्र का सशक्तिकरण होगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में देश और प्रदेश में विपक्ष पंगु हो गया है। विपक्ष अपनी सार्थक भूमिका का निर्वहन करने के बजाए सोशल मीडिया पर निर्भर हो गया है। लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिये कायदे-कानूनों के साथ ही संसदीय परम्पराओं का निर्वहन भी बहुत जरूरी है। कहीं न कहीं इस परम्परा को हमें टूटने से बचाना है।

विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक परम्पराओं के निर्वहन से देश मजबूत होगा। जब हर व्यक्ति इसके सशक्तिकरण के लिये कार्य करेगा, तो निश्चित ही वैमनस्यता खत्म होगी। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिये जन-प्रतिनिधियों को सशक्त सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।

संसदीय विद्यापीठ की संचालक डॉ. प्रतिमा यादव ने विद्यापीठ में संचालित एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। सेमिनार में विभिन्न विषयों पर शोध-पत्रों का वाचन किया गया। “लोकतंत्र की चुनौतियाँ और समाधान” विषय पर प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन अतिथियों ने किया। राष्ट्रीय सेमिनार में 140 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।