महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति रहें सजग – श्री माखनलाल झोड़ , शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेंदूखेडा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

Scn news india

स्वामी सींग दमोह

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत प्रिंसिपल जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शंभू सिंह रघुवंशी के मार्गदर्शन में बालकों को मैत्री पूर्ण विधिक सहायता एवं उनके संरक्षण के लिये विधिक सेवाएं योजना अन्तर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेंदूखेडा में किया गया। कार्यक्रम में सचिव/अपर जिला न्यायाधीश माखनलाल झोड़, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-02 तेंदूखेडा संजीव पिपलादिया, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, अधिवक्ता रतन लाल साहू, अधिवक्ता आशीष नामदेव, प्रभारी प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक-शिक्षिकायें एवं विद्यालयीन लगभग 500 छात्राओं की उपस्थित रही।

अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव माखनलाल झोड़ ने बताया कि भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को मूल अधिकार प्रदान किये गये है जिनमें से कुछ अधिकार 18 वर्ष की आयु सीमा के बाद प्राप्त होते है, जिनमें मताधिकार , नौकारी पाने , वाहन चालने की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने , बालिकाओं को विवाह करने का अधिकार प्राप्त होता है इसलिये जो अधिकार हमें निश्चित आयु सीमा के बाद प्राप्त होने वाले है उनका प्रयोग उस आयु सीमा के बाद ही करना चाहिये। शिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चे को प्रारंभ्म से ही प्राप्त हो जाता है। इस अधिकार का भरपूर पालन करते हुये अधिक अच्छी शिक्षा अर्जित कर निजी नियोजन में अथवा शासकीय नियोजन में सेवा कर देश और समाज की उन्नति में योगदान करना चाहिये।

श्री झोड़ ने कहा कि गुरूजन द्वारा पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कार्य किया जाता है आप छात्राओं को भी यह दायित्व निभाना चाहिये कि समय पर गृहकार्य करके पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन कर अधिक से अधिक अंक परीक्षा में प्राप्त करने हेतु स्वंय को समर्थ बनावें ताकि प्रतियोगिता परीक्षाओं में आप सफल होकर लक्ष्य के अनुरूप पद धारण कर जन सामान्य की सेवा कर सकें और अपने जन्म स्थान, परिजन, गुरूजन और देश का नाम विश्व के नक्शे में गौरान्वित कर सकें।

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग – 2 संजीव पिपलादिया ने बालिकाओं को संबोधित करते हुये अगाह किया कि बिना भयभीत हुये उन्हें यदि आपके साथ किसी भी प्रकार का अपराध करना चाहता है तो उसका पूरजोर विरोध करें और घटना की सूचना थाने को आवश्य देवें। श्री पिपलादिया न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि आप बदनामी की आशंका के कारण छोटी-छोटी घटनाओं को नजर अंदाज करती रहेंगी तो बडा अपराध घटित हो सकता है।

जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने छात्राओं को संबोधित करते हुये पाक्सों अधिनियम, घरेलू हिंसा, चाईल्ड हेल्प लाईन, महिला हेल्प लाईन, यौन अपराधो से पीड़ितों एवं एसिड अटैक से पीड़ितों को विधिक सेवा योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।

अधिवक्ता रतन लाल साहू ने पैतृक संम्पति में महिलाओं के अधिकार की जानकारी दी तथा आशीष नामदेव अधिवक्ता ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मंच संचालन चन्द्र शेखर हजारी व्याख्यता एवं आभार प्रभारी प्राचार्य रैकवार द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.