सरकारी अस्पताल के सामने चल रही निजी डिस्पेंसरी में महिला की हालत बिगड़ी डॉक्टर डिस्पेंसरी बंद कर भागा

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Ravikant Bidolya…

हटा. नगर के सरकारी अस्पताल के सामने संचालित होने वाली कथित डिस्पेंसरी में उस समय हड़कंप मच गया जब उसने एक महिला मरीज का गलत इलाज कर दिया। और महिला की हालत बिगड़ गई। महिला मरीज की हालत बिगडऩे के तुरंत बाद कथित डिस्पेंसरी बंद कर झोलाछाप मौके से फरार हो गया। पुलिस ने महिला के इलाज के बाद शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही।
नगर के सरकारी अस्पताल के सामने एक राकेश दाहिया नामक कथित डॉक्टर पिछले करीब एक साल से डिस्पेंसरी का संचालन कर रहा है। जहां पर नगर की ही गैस एजेंसी में काम करने वाली महिला कर्मचारी शिक्षा पांडेय पुत्री अरुणकुमार पांडेय (24) निवासी ग्राम डूंडी थाना पान उमरिया अपने सहकर्मी संदीप यादव के साथ पैर दर्द करने पर इलाज कराने पहुंची।
इस बीच डॉक्टर ने दो इंजेक्शन कमर के दोनों कूल्हे पर लगाए। फिर बाद में उसे कुछ दवाएं भी दीं। शुक्रवार रात करीब ८.३० बजे के डॉक्टर से इलाज कराने के बाद महिला घर पहुंची तो उसकी सांस रुंधने लगी। उसे चक्कर आए और वह जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद वह बेहोश हो गई तो तुरंत ही उसे संदीप यादव सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। रात करीब सवा दस बजे तक डॉ. कीर्तिवर्धन नेमा ने महिला के इलाज में पूरा समय दिया। जिसके बाद महिला होश में आई। लेकिन इलाज देर रात तक जारी था।
इस बीच जब दोबारा मरीज के परिजनों ने जाकर झोलाछाप से संपर्क किया तो वह डिस्पेंसरी बंद करके फरार हो चुका था। लोगों को यह भी नहीं मालूम कि कथित डॉक्टर रहने वाला कहां का है और वह कैसे यहां आया और पिछले एक साल से सरकारी अस्पताल के सामने डिस्पेंसरी संचालित करता रहा और यहां पर प्रशासन की नजर तक नहीं गई। संदीप ने बताया कि डॉक्टर ने अपने बोर्ड में एमबीबीएस लिखा हुआ है। लेकिन उसके अस्पताल के पंजीयन व अन्य जानकारियां नहीं हैं। संदीप ने बताया कि वह कथित डॉक्टर की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाना गया था। लेकिन उससे यह कहा गया कि पहले वह मरीज का इलाज करा लें। उसके बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी।

महिला का इलाज कर रहे डॉ. कीर्तिवर्धन नेमा ने बताया कि महिला को दो इंजेक्शन लगाने व दवा खाने से तबियत बिगडऩे पर भर्ती कराया गया है। जिसमें कई कार इंजेक्शन रियेक्शन कर जाता है, बिना खाए पिए भी कई बार इंजेक्शन लगा दिए जाते हैं जिससे मरीज की हालत और बिगड़ जाती है। लोगों को जागरुक होकर सरकारी अस्पतालों या किसी योग्य डॉक्टर से ही इलाज कराना चाहिए।
कार्रवाई की जाएगी-
मैं कल ही मामले को दिखवाता हूं। जो भी झोलाछाप होगा उसके खिलाफ जांच कर दस्तावेजों की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ आरके बजाज-सीएमएचओ

जांच कर होगी कार्रवाई-
पीडि़त महिला का इलाज आवश्यक था। इसलिए पहले इलाज के लिए कहा गया। आवेदन के आधार पर जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विजय मिश्रा-थाना प्रभारी हटा
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