बांदकपुर मंदिर कमेटी केस को लेकर शिव भक्तों ने जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

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राजन असाटी बांदकपुर / स्वामी सींग दमोह
दमोह – बांदकपुर मंदिर में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं यात्रियों की सुविधा व्यवस्था के लिए एवं मंदिर कमेटी की नियमावली कार्यप्रणाली एवं चयन प्रक्रिया आदि को सार्वजनिक करने के लिए लगातार शिवभक्त जिला प्रशासन के सामने विषय उठा रहे हैं जिस पर जिला कलेक्टर महोदय के आदेश से एसडीएम कोर्ट में पिछले 3 माह से सुनवाई चल रही है लेकिन शिव भक्तों का कहना है कि 3 माह से चल रही सुनवाई में अनेक श्रद्धालुजन भक्तजन जिले भर से अपनी अपनी बात रखने उपस्थित हुए लेकिन सुनवाई में उपस्थित होने वाले भक्तों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नही मिल पा रहा है घण्टों खड़े रहने के बाद भी ठीक से सुनवाई होती नही दिख रही है जबकि शिवभक्तों ने जानकारी दी कि सबसे पहले एसडीएम साहब ने गवाह प्रस्तुत करने कहा था जिसकी अगली सुनवाई में अनेक शिवभक्तों श्रद्धालुओं गवाही देने के लिए उपस्थित हुए लेकिन एसडीएम महोदय ने कहा कि केवल जिनके पास शपथ पत्र है उन्हीं को गवाही देने का मौका मिलेगा किसी की मौखिक गवाही नहीं ली जाएगी यह सुनकर उपस्थित अनेक भक्त हैरान थे शिवभक्तों ने एसडीएम साब से निवेदन किया कि अगली बार बाकि लोग शपथ पत्र जमा कर देंगे लेकिनअगली पेशी में सुनवाई के समय एसडीएम साब ने शपथ पत्र लेने मन कर दिया बोले अब कोई शपथ पत्र नही लिया जायेगा जिनके शपथ पत्र जमा हो चुके थे उन्हीं को क्रॉस चैक करवाने को कहा गया गवाही के दौरान मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं वकील के रूप में उपस्थित श्री सुरेश मेहता जी एवं एसडीएम कार्यालय के रीडर ने गवाही ली लेकिन यह गवाही पीठासीन अधिकारी के सामने न होकर एक कोने में चल रही थी गवाही के दौरान गवाह को कहा गया कि केवल हां और न में उत्तर देना जिस पर गवाह ने अपनी बात रखनी चाही लेकिन उनको डांटते हुए केवल हां और ना में उत्तर देने को कहा गया गवाही के दौरान उनकी अनेक बातों को या तो तोड़कर या उसने अपनी बात जोड़कर लिखा गया प्रतिलिपि निकलवाने के बाद में यह बात साफ दिखी कि गवाह कमलेश ने कहा कि वह हमेशा बांदकपुर जाता है लेकिन उसकी बात मैं हमेशा की जगह कभी-कभार बांदकपुर जाने की बात लिखी गई इसी प्रकार से अन्य गवाह है सुनील उपाध्याय ने शपथ पत्र में लिखित रूप से मंदिर कमेटी की आय-व्यय की जानकारी को सार्वजनिक करने कहा था लेकिन उनके बयानों में यह जोड़ा गया कि उन्होंने आय-व्यय की कभी कोई जानकारी नहीं मांगी इस प्रकार अनेक बातों को उसमें उन्होंने अपनी बात को जोड़ा या फिर गवाह के द्वारा कही हुई बात में अपनी बात को जोड़कर लिखा गया राम गौतम ने एसडीएम महोदय से बाकी गवाहों को अगली सुनवाई में क्रॉस चेक करने का अनुरोध किया और गवाहों को हो रही परेशानी से भी अवगत कराया इसके बाद शिवभक्तों ने बयानों को आवेदन देकर प्रतिलिपि निकलवाई और उसमें पता चला की जो बयान गवाहों द्वारा गये गये उनमें बहुत अंतर है जिसपर शिवभक्तों ने जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन दिया गया जिसमें सभी बातों को श्री राठी जी के सामने रखा और पिछले 3 माह से चल रही सुनवाई के विषय में पूरी जानकारी दी शिवभक्तों ने कलेक्टर महोदय से निवेदन किया की या तो उनको बात रखने का पूरा अवसर मिले अथवा जिला न्यायालय में मंदिर कमेटी केस की सुनवाई कराई जाए जिस पर कलेक्टर महोदय ने शीघ्र ही बात करके समाधान का भरोसा दिया।

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