दातुन या मंजन करने से हो सकता है आपकी उदासी या डिप्रेशन का इलाज – डॉ हेमंत कुमार जैन

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विकास सेन दतिया 

दातुन या मंजन करना हर किसी को बचपन से सिखाया जाता है और यह भी बताया जाता है कि इससे दांत मजबूत, मसूड़े सुंदर और मुंह की बदबू दूर होती है।
यह सभी बातें बिल्कुल सही है किंतु एक बात जो बहुत ही जरूरी है वह यह जानना कि , जब आप मंजन करते हैं तो जीभ को जीभी की मदद से जरूर साफ करें , जिससे कि आपकी जीभ को नियंत्रित करने वाली नर्व्स यानी तंत्रिकाएं भी उत्तेजित होती हैं और एक खास तंत्रिका वेगस नर्व है जो पेलेटो ग्लॉसस मसल को सप्लाई करती है ,जिसे दिमाग की दसवीं तांत्रिका भी कहा जाता है ,वह उत्तेजित होती है और जब यह तंत्रिका उत्तेजित होती है तब यह दिमाग के उस हिस्से को उत्तेजित करती है जो हमारी उदासी और डिप्रेशन को दूर कर सकता है।
एक वैज्ञानिक तरीका जिसे वेगल नर्व स्टिमुलेशन कहते हैं , का उपयोग डिप्रेशन के मरीजों में किया जा रहा है । दांतून इसका सस्ता प्रतिरूप साबित हो सकता है । मीडिया से बात करते हुए डॉ हेमंत जैन ने कहा कि दिन में दो बार सुबह जागकर और सोते समय मंजन और जीभी से जीभ को साफ जरूर करना चाहिए , यह आपको तरोताजा और तनाव से दूर रखेगा ।।

लेखक-
डॉ हेमंत कुमार जैन
मेडिकल कॉलेज दतिया में मेडिसिन के सहायक प्राध्यापक और सह अस्पताल अधीक्षक है

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