बैतूल की बेटी का ISRO में चयन

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  • हिंदी मीडियम से की पढ़ाई, बचपन से था वैज्ञानिक बनने का सपना
  • भोपाल में बीटेक करने के बाद ISRO के लिए अप्लाई किया
बैतूल। साधारण परिवार में जन्मी बैतूल की एक छात्रा का भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) बेंगलुरु में वैज्ञानिक अभियंता एसी इलेक्ट्रॉनिक्स के पद पर चयन हुआ है। शीतल लहरपुरे ने सोमवार को बैंगलोर में ड्यूटी शुरू हो गई।
शीतल आठनेर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय आठनेर की छात्रा रही है। शीतल आठनेर निवासी किसान और हार्डवेयर व्यवसायी लखन लहरपुरे की पुत्री है। उसने प्राथमिक माध्यमिक एवं हाई स्कूल तक की शिक्षा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर आठनेर में हिंदी माध्यम से की थी। शीतल ने पिछले साल भारत सरकार के उपक्रम ईसीआईएल में टेक्निकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहते हुए ISRO बेंगलुरु में वैज्ञानिक अभियंता एसी इलेक्ट्रॉनिक्स के पद पर अप्लाई किया था।
पिता लखन ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही है। वह वैज्ञानिक बनना चाहती थी। उसकी मेहनत रंग लाई और आज उसका सपना पूरा हो गया है। लखन के मुताबिक वह आईएएस की भी तैयारी कर रही थी, लेकिन यूपीएससी में 5 अंकों की कमी की वजह से वह सफल नहीं हो सकी। शीतल ने बताया कि उसने भोपाल के संस्थान से बीटेक करने के बाद ISRO जाने का गोल बनाया था, जिसमें वह सफल भी हुई। यहां वह संगठन के जरिए देश सेवा करना चाहती है।