जिले के आयुष्मान मित्रों ने सौंपा ज्ञापन, न हटाये जाने की गुहार

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उजेन्द्र कुमार 

बलौदाबाजार -राज्य नोडल एजेंसी की ओर से जारी पत्र जिसमें निजी अस्पतालों को स्वयं के आयुष्मान मित्र रखने का आदेश दिया गया है जिसमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत आयुष्मान मित्र के पदों पर कार्यरत कर्मियों ने सेवा सेना हटाए जाने की मांग करते हुए जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया है लगभग 08 वर्षों से आयुष्मान भारत मैं कार्यरत आयुष्मान मित्रों ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया की हम सभी आयुष्मान मित्र विगत 8 वर्षों से शासन काल के दौरान भी बिना अपनी जान की परवाह किये बगैर पूर्ण निष्ठा से अपने पदीय कर्तव्यों का बीना त्रुटि के कार्य निर्वहन किया। शासन द्वारा निजी अस्पतालों में योजना के संचालन की देखरेख हेतु नियुक्त इंशोरेन्स कम्पनी द्वारा आयुष्मान मित्र की नियुक्ति कर निजी अस्पतालों में कार्य हेतु भेजा जाता था, जैसा की हम सभी वर्तमान में एम.डी. इण्डिया नेटवर्कस प्रायवेट लिमिटेड के अधीन कार्य कर रहे है, के द्वारा हमें दिनांक 21/01/2022 को ब्यक्तिगत तौर पर सभी को एक ई – मेल आया है , कि अगामी 31/01/2022 को आपका और हमारा कार्य पूर्ण हो जायेगा। यह एक सामान्य प्रक्रिया जो की प्रतिवर्ष होता है तथा किन्तु राज्य नोडल एजेन्सी छ.ग. शासन जिस भी इंशोरेन्स कम्पनी को अगामी वर्ष रखना चाहती है, उसकी नियुक्ति चालू वर्ष में कार्य कर रहे इंश्योरेंस कंपनी TPA के कार्यकाल पूरा होने से पहले कर लेती है तथा अगामी वर्ष योजना के क्रियान्वयन हेतु चयनित TPA द्वारा हम सभी कार्यरत आयुष्मान मित्र की भी जानकारी मांग ली जाती थी, जिससे की अपने पद को लेकर निश्चिंत हो जाते थे , किन्तु इस बार राज्य नोडल एजेन्सी छ.ग. शासन ने अभी तक TPA नियुक्त नहीं किया बल्कि समस्त मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को जारी किया है, जिसमें योजना से पंजीकृत समस्त निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान मित्र की नियुक्ति किये जाने का निर्देश है। हम इतने वर्षों से उक्त योजना में कार्य करते आ रहे है, तथा हमारा परिवार भी इसी कार्य से मिलने वाली पारिश्रमिक राशि पर निर्भर है, अब अचानक से आयुष्मान मित्र की नियुक्ति को निजी अस्पतालों को सौंपकर हमें इस तरह बेरोजगार कर देना हमारे साथ अन्याय है। शासन से निवेदन करते हुए इन पर पुर्नविचार करने आयुष्मान मित्रों ने पद के नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्व की भाँति यथावत करवाने की मांग किया गया।