अधिकारी अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित रूप से निरीक्षण करें – कलेक्टर

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कामता तिवारी
संभागीय ब्यूरो रीवा
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रीवा- कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि सभी अधिकारी अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित रूप से निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। अपने कार्यालय को भी व्यवस्थित तथा साफ-सुथरा रखें। गत सप्ताह जिला मुख्यालय के आठ कार्यालयों के निरीक्षण में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। इन सब पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारी अपने कार्यालय तथा कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने पर भी विशेष ध्यान दें। समय पर कार्यालय में उपस्थित न होने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें। जन कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय कार्य करें। जनता के आवेदन पत्रों के निराकरण को प्राथमिकता दें।
कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी अधीनस्थ कार्यालयों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग अथवा अन्य माध्यमों से सप्ताह में एक या दो बार संपर्क करके आवश्यक निर्देश दें। साथ ही विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में भी इसका उपयोग करें। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में जिला आपूर्ति अधिकारी तथा जिला योजना अधिकारी ने इस सप्ताह अच्छे प्रयास किए हैं। इन्हें प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। माह की 20 तारीख को सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग तैयार की जाती है। इससे पहले पिछले माह के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कराकर विभाग की रैंकिंग में सुधार करें। ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, खाद्य विभाग, गृह विभाग प्रकरणों के निराकरण के विशेष प्रयास करें। अपर कलेक्टर सामान्य प्रशासन विभाग में लंबित प्रकरणों का निराकरण कराएं।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज पेंशन प्रकरणों, भू अर्जन प्रकरणों, छात्रवृत्ति प्रकरणों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारी इनका तत्परता से निराकरण करें। आगामी बैठक में जिला खनिज अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उप संचालक पशुपालन तथा कार्यपान यंत्री लोक निर्माण विभाग सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण का प्रजेंटेशन देंगे। सीएम हेल्पलाइन में जिस एल वन अधिकारी के पास से प्रकरण बिना अटेण्ड किए हुए एल टू में जाएगा उसका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को लंबित प्रकरणों का तत्परता से निराकरण न करने पर कड़ी फटकार लगाई।
कलेक्टर ने कहा कि पटवारियों तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों के समयमान-वेतनमान से संबंधित प्रकरण अपर कलेक्टर एवं एसएलआर निराकृत कराएं। जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण बस्ती विकास निधि से आवंटित राशि के अनुसार प्रकरण स्वीकृत कराएं। कार्यपालन यंत्री सेतु निगम आगामी बैठक में जिले में निर्माणाधीन पुलों के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करें। कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने स्कूलों के सौ मीटर की परिधि में तंबाकू, गुटके तथा सभी तरह के नशीले पदार्थों के बिक्री पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं। आयुक्त नगर निगम तथा जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में तत्परता से कार्यवाही करें। स्कूल परिसर के आसपास यदि नशीले पदार्थ की बिक्री की दुकान है तो उसे तत्काल हटाएं। बाल संरक्षण आयोग ने मेडिकल स्टोरों से दवाओं की एच, एच-1 तथा एक्स श्रेणी की दवाएं 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को न बेचने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सभी दवा विक्रेताओं को इस संबंध में सचेत करें। साथ ही दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगाना एवं इन श्रेणियों की दवाओं को खरीदने वालों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करें। सभी मेडिकल स्टोरों के बाहर इस अशय के बोर्ड लगाये एच, एच-1 तथा एक्स श्रेणी की दवाएं 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को नहीं दी जायेंगी। बैठक में आयुक्त नगर निगम मृणाल मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े, अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।