कूड़ा कचरा से भरा लबालब गाड़ासरई नगर

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डिंडोरी गणेश प्रसाद शर्मा 

जिले के बजाग ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गाड़ासरई आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर नजर आ रही है।क्या ऐसे ही होगा स्वछ भारत का निर्माण।बेवसाइक नगरी गाड़ासरई हमेशा वंही हमेशा राजनीति में मजबूत पकड़ और रसूख रखने वाला यह गांव यहां के हालात कुछ इस कदर हैं कि देखने में ऐसा नहीं लगेगा कि यह वही गांव है जहां से राष्ट्रीय पार्टियों में हस्ताक्षेप रखने वाले बड़े-बड़े नेता इसी गांव से हुए हैं यूं कहें की राजनीति का मुख्यालय गाड़ासरई है तो कम नहीं होगा जिसने भी गड़ासराई का दिल जीता है लगभग उसने हर चुनाव जीता सभी दलों के बड़े-बड़े नेताओं के टच में यहां के सभी दलों के नेता हैं।

इसके बावजूद बस स्टैंड में फैली गंदगी रोड में बह रहा गंदी नालियों का पानी बारिश में पूरे गांव में पानी का भर जाना इस समस्या का समाधान कोई भी नेता नहीं कर पा रहा और इस गांव के लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं लंबे समय से लोग नाली की मांग कर रहे हैं जनता आवाज उठा रही है नेता मौन, इसका एक ही कारण है यहां के लोग पूरी तरह से नेताओं पर ही आश्रित है मुझे एक घटना याद आ गई एक समय तत्कालीन कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर जी का आगमन मां कर्मा बाई धर्मशाला में हुआ था सुबह से शाम हो गई माननीय कलेक्टर के पास एक भी आवेदन नहीं पहुंचा तब माननीय कलेक्टर महोदय ने कहा था कि यह गांव एकमात्र ऐसा गांव है जहां कोई समस्या ही नहीं है अभी तक मेरे पास कोई आवेदन नहीं आया जबकि मैं किसी और गांव में जाता हूं तो मुझे आवेदनों के ढेर मिलते हैं जब तक यहां जनता आवाज नहीं उठाएगी।

इन समस्याओं का समाधान होना संभव नहीं है इससे यही प्रतीत होता है नेताओं के भरोसे काम नहीं चलने वाला एक और जहां देश के प्रधानमंत्री मोदी जी स्वच्छ भारत का लोगों को सपना दिखा रहे हैं वही इस गांव में कचरे का ढेर नालियों का बहता पानी उनके सपनों को चूर चूर करने में लगा हुआ है शायद इस खबर के बाद प्रशासन जागे और सुध ले बस स्टैंड में प्रसाधन का कोई साधन नहीं है पुरुष तो यहां वहां जाकर किसी तरह से अपनी समस्या का समाधान कर लेता है लेकिन महिलाओं की बात आती है तो वह यहां वहां जगह ही खोजती रहती हैं और वही बस का टाइम होने का भी डर लगा रहता है महिलाओं के सम्मान में कसीदे तो बहुत पड़ सकते हैं जबकि अगर ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो सिर्फ कसीदे कसीदे ही रह जाएंगे अगर यह मुख्यालय गाडासरई के यह हाल हैं तो और पंचायतों के क्या हाल होंगे यह आप उम्मीद लगा सकते हो प्रशासन के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन में करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं अब इन योजनाओं पर ऐसे हालात प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।।

वंही ग्रामीण नर्मदा माँ से आस्था रखने वाले लोगों का कहना है कि कुछ दिन के बाद नर्मदा जयंती महोत्सव आने वाला और बस स्टैंड गाड़ासरई से मुख्य मार्ग मझियाखार रोड में घरों का गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है जिससे परिक्रमा वासी,आम जानो को गंदे पानी से पवित्र हो कर श्रद्धालुओं को नर्मदा घाटी मझियाखार पहुंच पाते है ये भी बहुत बड़ी समस्या का विषय बना हुआ है।।बस स्टैंड के आस पास नगर का कूड़ा कचरा इकट्ठा कर लोगों के घर पास ढेर कर दिया गया है जिससे लोगों में आक्रोश ब्याप्त है।
इनका कहना है।

(1) हमारे नगर गाड़ासरई का दुर्भाग्य है कि ना पक्की नाली है और ना बस स्टैंड में प्रसाधन सुलभ की व्यवस्था जिससे लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।ये बड़ी विडंबना है। मुबारक अली ग्रामीण।।

(2) मेरे कार्यकाल में नालियां बनाई गई थी और इस कदर समस्याएं नहीं थी सफाई कर्मी भी सफाई करते थे अब आने वाले समय में मूलभूत मत भी नहीं है प्रशासन को इस ओर नजर रखना चाहिए वही पंच परमेश्वर योजना से सिर्फ सीसी रोड बन रही है नाली नहीं बन रही है मेरे कार्यकाल में बाजार हाट की वसूली और मवेशी बाजार की वसूली राशि से साफ सफाई कराई जाती थी।श्री भगत राम साहू(पूर्व सरपंच)भाजपा वरिष्ठ नेता गाड़ासरई।।
(3) बाजार नीलामी एवं मवेशी बाजार की राशि का सदुपयोग होना चाहिए और सभी व्यक्तियों को पंचायत का कर देकर पंचायत का सहयोग करना चाहिए पंचायत की समितियों में समाजसेवियों को शामिल करके उनसे सहयोग लेना चाहिए जनभागीदारी से एवं सामूहिक प्रयासों से इन समस्याओं का समाधान होगा।।श्री रमाकांत साहू ब्लॉक अध्यक्ष कोंग्रेस कमेटी गाड़ासरई।।

(4)मै अपने घर से दुकान जा रहा था बस स्टैंड में घरों के गंदे पानी जो कि सड़क में भरने से मैं गिर गया था जिसमे मेरा पैर टूट गया था जिससे आज भी मैं पीड़ित हूँ।संतोष सोनी ग्रामीण।
(5)वॉर्ड नंबर 18 में 181 सी एम हेल्पलाइन नंबर के सिकायत समाधान हेतु ग्राम पंचायत गाड़ासरई के द्वारा कुछ जगहों पर पक्की नाली सफाई करवाई गई मगर सफाई के पश्चात नाली ढकना भूल गई जिससे मवेशी और आम जन को कभी भी नाली में गिरने की संभावना बनी रहती है पंचायत की यह सबसे बड़ी लापरवाही है सफाई के नाम से पूरी राशि निकाली गई पर खाना पूर्ति कर कंही कंही सफाई की गई।
मुकेश राज जी नगर समाज सेवी गाड़ासरई।