ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि के साथ बेहतर संधारण और श्रेष्ठ सेवाएँ देना आवश्यक – मुख्यमंत्री श्री चौहान

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हर्षिता वंत्रप 

भोपाल-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश को ज्यादा सक्षम बनाने की दिशा में प्रयत्न बढ़ाए जाएँ। प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि बेहतर संधारण और श्रेष्ठ सेवाओं के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने पर निरंतर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज ऊर्जा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक में बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, बड़े बकायेदारों से बिल की वसूली, जले ट्रांसफार्मर तत्काल सुधारने और उपभोक्ताओं का संतुष्टि स्तर बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऊर्जा विभाग को बेस्ट प्रेक्टिसेज का अध्ययन कर लागू करने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव जनसंपर्क श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बिजली के अवैध कनेक्शन पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। इसी तरह कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के शेड्यूल में फेरबदल की स्थिति में सूचित अवश्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित करने, सामग्री क्रय में स्थानीय विनिर्माण को प्राथमिकता देने, वितरण अधो-संरचना के सतत् संधारण, ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर निर्माण, पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए नए अति उच्चदाब उपकेन्द्रों के निर्माण, जीआइएस आधारित फील्ड सर्वे एवं प्रोजेक्ट प्लानिंग, जल विद्युत संयंत्रों के नवीनीकरण, रीवैम्प्ड वितरण क्षेत्र सुधार योजना पर अमल के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।

ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर के कार्य पूरे होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऊर्जा विभाग द्वारा ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर निर्माण में सभी 12 उप केन्द्रों का कार्य समय पर पूर्ण करने और 46 में से 44 लाइनों का कार्य पूर्ण हो जाने पर बधाई दी। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बताया कि शेष दो लाइनों का कार्य वर्ष 2022 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्रदेश में सात इनहाउस परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की लक्ष्य पूर्ति में भी सफलता मिल रही है। ट्रांसफार्मर, मीटर और केबल सामग्री के परीक्षण के लिए भोपाल, जबलपुर और इंदौर में प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा चुकी हैं। द्वितीय चरण में ग्वालियर, सतना, छिंदवाड़ा और उज्जैन में प्रयोगशालाओं की स्थापना की कार्यवाही शुरू की गई है। चचाई में नवीन थर्मल पॉवर यूनिट की स्थापना के लिए पहल की गई है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में कार्य पूर्ण

भारत शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश के ऊर्जा विभाग ने कार्य पूर्ण कर लिए हैं। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत 136 योजनाओं में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी तरह आई.पी.डी.एस. में स्वीकृत 43 योजनाएँ पूर्ण कर ली गई हैं।

आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप का क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया गया कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के क्रियान्वयन में टी.बी.सी.बी. रूट के माध्यम से 35 ई.एच.वी सब-स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन सिस्टम के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्य का अनुमानित निवेश 2000 करोड़ रूपए है। इन कार्यों से पारेषण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण हो जाने से गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित होगा। इन कार्यों को मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसी तरह ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर परियोजना में कुल 58 गतिविधियों में से 56 पूर्ण हो गई है।

युवाओं को मिले कार्य का मौका

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीण युवाओं को आई.टी.आई में प्रशिक्षण देने और आउटसोर्स के आधार पर विद्युत लाइनों के मेंटेनेस का अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे युवा जो आई.टी.आई. प्रशिक्षित नहीं है, लेकिन रोजगार के इच्छुक हैं, उन्हें भी विभिन्न दायित्वों से जोड़ा जा सकता है। विभागीय गतिविधियों में नए उपाय और नवाचारों से अधिक अच्छे परिणाम लाने के प्रयास किए जाएँ।