दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला -व्हाट्सएप पर समाचार पत्र का पीडीएफ शेयर करना गैरकानूनी ,कारवाही के निर्देश

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  • दिल्ली हाईकोर्ट का  फैसला
  • अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया पर शेयर करना नैतिक रूप से गलत है
  • ये आईटी एक्ट की धाराओं में आपराधिक कृत्य है और गैरकानूनी है।
  • ये कॉपीराइट कानून और ट्रेडमार्क अधिकारों का उल्लंघन है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर समाचार पत्र का पीडीएफ शेयर करने को  गैरकानूनी  मानते हुए कारवाही करने के निर्देश जारी किये है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि व्हाट्सएप पर समाचार पत्र का पीडीएफ शेयर करना  कॉपीराइट एक्ट एवं ट्रेडमार्क कानून का उलंघन है।  वही इसे गैरकानूनी  मानते हुए केंद्र सरकार और व्हाट्सएप को भी कारवाही के निर्देश दिए है।  कोर्ट ने कहा है की ऐसे ग्रुप तत्काल बंद किये जाए।

बता दे कि विगत दिनों दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट याचिका लगाईं थी। जिस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने भास्कर समूह के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया।  वही व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को भी नोटिस जारी क्या गया है।

गौरतलब है कि इसी तरह मार्च में अमर उजाला ने भी अपने अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ अनधिकृत रूप से नियमित तौर पर प्रसारित किये जाने की शिकायत हरियाणा पुलिस से की थीं। अमर उजाला प्रबंधन की ओर से की गई शिकायत के आधार पर  पुलिस ने कार्रवाई की तो कई ग्रुप एडमिन ने न सिर्फ ई-पेपर की पीडीएफ हटा लीं बल्कि भविष्य में ऐसा न करने का वादा भी किया।

बता दे की अदालती निर्देशों और अन्य एडवाइजरी में भी ये कहा जा चुका है कि किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप में अखबार के ई-पेपर की पीडीएफ या अन्य माध्यम से कॉपी प्रसारित करना गैरकानूनी और अनैतिक है। इन निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया जा चुका है कि जिस भी सोशल मीडिया ग्रुप में ऐसा किया जा रहा है उसका एडमिन इस गैरकानूनी कृत्य के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।  इन सभी अखबारों के द्वारा अपने पाठकों को सबक्रिप्शन आधारित सुविधा माध्यम से ई-पेपर की पीडीएफ कॉपी उपलब्ध कराई जाती है।