केसला विद्यालय के 100 आदिवासी बच्चे आज बनाये 100 सौलर लैंप प्रकृति के प्रति अहिंसा का अभ्यास

Scn news india

मनीष मालवीय 

होशंगाबाद इटारसी // रिन्यूअल एनर्जी की तरफ दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए केसला विकासखंड के आदिवासी वर्ग के 100 विद्यार्थी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सोलर लैंप असेंम्बल्ड करे। यह सोलर लैंप उन स्टूडेंट को ही दे दिया गया, जिसका इस्तेमाल वे खुद करेंगे। विज्ञान शिक्षक राजेश पाराशर ने बताया कि यह कार्यशाला आत्मनिर्भरता के गाधीवादी सिद्धांतों को समारोह पूर्वक मनाने के लिए आयोजित की जा रही है। इस दिन को पर्यावरण के प्रति अहिंसा के अंतराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनेगा। कार्यशाला का उद्देश्य सोलर लैंप, सौर उर्जा को अपनाएं। ग्रिड बिजली का उपयोग कम करें, प्रकृति के प्रति अहिंसा का अभ्यास करें और उर्जा में आत्मनिर्भर बनें रखा गया है।

 


इसके लिए मेनिट भोपाल और आईआईटी मुबंई द्वारा स्टूडेंट सोलर एम्बेसडर वर्कशॉप आयोजन के लिए म.प्र. से एकमात्र स्कूल शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केसला का चयन किया गया है। यह आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित विद्यालय है।आईआईटी मुम्बई और मेनिट द्वारा गांधी ग्लोबल सोलर यात्रा के तहत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर दुनिया के 180 देशों से लगभग 10 लाख विद्यार्थी सोलर लैंप असेंम्बल्ड करेंगे।

 


उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य एसके सक्सेना ने बताया कि 1 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के प्रति संवेदनशील बनाने और उन्हें अक्षय उर्जा के भविष्य के प्रचारक बनाने के लिए उन्हें ग्लोबल स्टुडेंट सोलर एम्बेसडर बनाना इसका उद्देश्य है। सहायक आयुक्त चंद्रकाता सिंह के मार्गदर्शन में केसला के आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों की इसमें प्रतिभागिता इसके उद्देश्यों को पूरा करने में सार्थक होगी। कार्यशाला समन्वयक पी पी पांडे ने बताया कि मेनिट भोपाल और आईआईटी मुम्बई के द्वारा प्रदेश के एक मात्र शासकीय विद्यालय केसला को इसके लिये चुना गया है। बाकी स्थानों पर इंजिनियरिंग कॉलेज अथवा निजी स्कूल में यह आयोजन होगा। मेनिट में स्वयं अपने लिए बना रहे लैंप के लिये प्रत्येक विद्यार्थी ने 510 स्र्पए जमा किए हैं, जबकि केसला के बच्चों को निशुल्क लैंप देने के लिए 800 लोगों ने चैरिटी दी है।
प्राचार्य एस के सक्सेना ने बताया कि भारत के सोलर मेन आईआईटी मुम्बई प्रोफेसर चेतनसिंह सोलंकी ने दिसंबर 2018 में महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम से इस यात्रा की शुरूआत की थी। मेनिट के आर्किट्रेक्चर एंड प्लॉनिंग विभाग के डॉ रजत सोनी इसके राज्य समन्वयक है। इनके साथ मनमोहन कापसेे भी सह समन्वयक हैं। महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने यह एक दिवसीय आयोजन लगभग 180 देशों में आयोजित किया जा रहा है ।
कैसा है सोलर लैंप:
इस सोलर लैंप को आईआईटी मुम्बई द्वारा डेवलप किया गया है। इस लैंप की बैटरी लाईफ पांच साल से अधिक आंकी गई है। लैंप के साथ एक सोलर पैनल भी है जिसकी मदद से एक घंटे में बेटरी को चार्ज किया जा सकेगा। यह पैनल 2.5 वॉट का है जबकि लैंप 1 वॉट का है। यह एक बार में छ: घंटे तक चलता है। कार्यक्रम के बारे में पाराशर ने बताया कि प्रात: 11 बजे से कार्यक्रम में कार्यशाला के साथ ही महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

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