रिकवरी में सरपंच को बचा रहे जनपद के जिम्मेदार

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  • रिकवरी में सरपंच को बचा रहे जनपद के जिम्मेदार
  • मानी पंचायत में मरे हुए लोगों को मिलता है मनरेगा में रोजगार
  • आठनेर जनपद की पंचायतों में धड़ल्ले से जारी है हर स्तर पर फर्जीवाड़ा

 

जिले में मनरेगा में जीवित ही नहीं मृत लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इस बात का खुलासा मानी पंचायत की एक शिकायत से हो रहा है। उक्त शिकायत में फर्जी मूल्यांकन कर मृतकों के नाम से मस्टरोल भरकर पैसा हड़प करने का आरोप लगाया गया है। जबकि मनरेगा मांग आधारित योजना है लेकिन इसमें बिना मांगें ही मस्टरोल भरकर मृतकों के नाम से हाजरी भरी गई और पैसा निकाला गया। इस पूरे खेल में सहायक यंत्री, उपयंत्री, सचिव और रोजगार सहायक सहित सरपंच की भी भूमिका है। यह छोटी मोटी गड़बड़ नहीं है बल्किा एक बड़ा फ्राड है। इसकी जानकारी भी हर स्तर पर है। इसके बावजूद न तो कोई जांच कराई जा रही है और न जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है।
इन मृतकों के नाम पर भरी गई हाजरी
माध्यमिक शाला भवन नढ़ा के बाउंड्रीवाल निर्माण में मस्टरोल क्रमांक १५,३१ २ दिनांक २५ सितरंब २०२० से २८ सितंबर २०२० तक वहीं मस्टरोल क्रमांक १५८३२ में दिनांक ६ अक्टूबर २०२० से १२ अक्टूबर २०२० तक मृतक हरीकिशन पिता हीरा चरण और किशन पिता हीराचरण जाब कार्ड २२७ की हाजरी भरकर लगातार राशि निकाली गई जबकि दोनों में से हरि किशन की १० मई २००८ और २१ मई २०१६ को किशन की मृत्यु हो चुकी है। इसी तरह चेकडैम निर्माण में रामू पिता गन्नी का मस्टरोल ८ सितंबर २०२० से १४ सितंबर २०२० के दौरान भरा गया और राशि निकाली गई। जबकि यह मृतक है।
खुला फर्जीवाड़ा जारी फिर भी मौन
पंचायतों में इस तरह का खुला फर्जीवाड़ा जारी है पर जिम्मेदार जानकार भी मौन रहते हैं। शिकायत होने के बावजूदर कार्रवाई नहीं करते। आठनेर जनपद पंचायत की आदिवासी पंचायतों में तो फर्जीवाड़े रिकार्ड बन चुके हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि जनपद द्वारा कराए जाने वाले आडिट में इस तरह की गड़बडिय़ां पकड़ी नहीं जाती। हर पंचायत में फर्जी वेंडर धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। बिना सप्लाई के ही बिल निकालकर लाखों रुपए का भुगतान लिया जा रहा है। इस सब मामले में हर स्तर पर जानकारी है लेकिन फिर भी कोई मुंह नहीं खोलता। कई बार क्षेत्र के लोगों ने विधायक को अवगत भी कराया पर उन्होंने भी इस मामले में जांच के लिए कोई कदम नहीं उठाए।

इनका क्या कहना

पंचायत इंस्पेक्टर प्रेम कुमार

इनसे जब फोन पर चर्चा की गई तो इनके द्वारा बताया गया कि अभी सिर्फ सचिव से रिकवरी की गई है तथा सरपंच और उन लोगों से करने की है इसके सारी कार्रवाई जिला पंचायत से चल रही है