शादी तय कर धोखाधडी और ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश – फर्जी मां, मामा और भाई सहित दो दलाल गिरफ्तार

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संवाददाता सुनील यादव 

– शादी तय कर धोखाधडी और ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
– फर्जी मां, मामा और भाई सहित दो दलाल गिरफ्तार
– कैमोर पुलिस की कार्यवाही

शादी तय कर धोखा धडी और ठगी करने वाले गिरोह का कटनी पुलिस ने पर्दा फाश किया गया है। जिसमें शादी के लिये दिखाई गयी लड़कियों की फर्जी बनी मां, फर्जी मामा और फर्जी भाई सहित दो दलाल को कटनी जिले की कैमोर पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं।

कटनी एसपी थाना सुनील जैन ने बताया कि कैमोर अंतर्गत ग्राम बडारी निवासी 76 वर्षीय वृद्ध जगदम्बा प्रसाद दीक्षित पिता स्व.नर्मदा प्रसाद दीक्षित द्वारा पुलिस थाना कैमोर में रिपोर्ट की गयी कि इनके दो बेटे बसंत लाल दीक्षित और राजेश दीक्षित आविवाहित है जो करीब 02 माह पहले सतना निवासी अरुण कुमार तिवारी और मनसुख रैकवार ने इसके घर आकर मिले और उन्होने बताया कि सिंधी कैंप सतना में रहने वाली बबीता तिवारी की दो बच्चियां शादी के योग्य हैं जो उनके पिता के ना होने उनकी आर्थिक स्थिती खराब है। दोनो नें बृद्ध जगदम्बा प्रसाद दीक्षित को दिनांक 23 अक्टूबर को सतना बुलवाकर एक दो मंजिला मकान में रहने वाली बबीता तिवारी से मिलाया और दोनो लड़कियों को शादी के लिये दिखाया और मिलवाया। जगदम्बा प्रसाद दीक्षित ने दोनो लड़कियों साधना तिवारी और शिवानी तिवार को पसंद करते हुये उसी दिन ओली भरकर शगुन किया। वृद्ध जगदंबा प्रसाद दीक्षित के साथ गयी उसकी नातिन कुमारी शिवानी दीक्षित ने अपने मोबाइल से दोनो बच्चियों के साथ फोटो खिचवाई और शादी की तारीख तय करने के लिये बडारी बुलाया गया जहां बबीता तिवारी दोनो बच्चियों की मां उसके साथ केशव प्रसाद मामा और दीपक भाई बनकर पहुंचे और नेंग दस्तूर करते हुये दोनो लड़कियों की जगदम्बा प्रसाद दीक्षित के लड़कों बसंत और राजेश के साथ दिनांक 29 नवम्बर की तारीख तय कर दी गयी।

गिरोह की योजना के तहत मा बबीता मामा केशव और भाई दीपक नें शादी के आयोजन में सहयोग के नाम पर दिनांक 11 नवम्बर को कैमोर आकर 60 हज़ार रुपए नगद लिये और इसके बाद 15/11/2021,16/11/2021 और 27/11/2021 को 50 हज़ार रुपए बबीता तिवारी के बैंक आफ बडोदा सतना शाखा के बैंक अकाउंट में जमा कराये गये। इसके बाद भी दीक्षित परिवार खुश था और शादी के कार्ड छपवाकर सभी रिश्तेदारी और समाज में बांटे गये साथ ही टेंट, मेरिज गार्डन, केटरिंग, घोडी, बैंड आदि की एडवांस बुकिंग में भी करीब एक लाख रुपए खर्च कर दिया गया। बडारी निवासी दीक्षित परिवार के घर से दिनांक 29 नवम्बर को बरात निकलने के ठीक एक दिन पूर्व बबिता तिवारी ने मोबाइल से सूचित किया कि जेठ की मृत्यू हो जाने से शादी नहीं हो सकेगी जो दीक्षित परिवार उनके दुख में शामिल होने के लिये सतना पहुंचा तो पता चला कि वह मकान तो बबीता तिवारी का था ही नहीं, किराये से रहती थी जिसकी कोई दो लड़कियां भी नहीं हैं और करीब एक माह पहले मकान खाली करके जा चुकी है। दुखी दीक्षित परिवार नें खोज बीन शुरू की तो उन्हें वहां बबीता तिवारी और उसके गिरोह का शिकार एक अन्य ब्राम्हण परिवार भी वहां मिल गया, जिसमें राकेश पाठक निवासी अमरपुर उमरिया एवं रमाकांत उपाध्याय निवासी धनवाही जिला उमरिया ने बताया कि इसी तारीख के लिये उनके साडू भाई रामकिशोर उपाध्याय निवासी धनवाही जिला उमरिया के बेटे विनोद उपाध्याय से बबीता तिवारी नें शिवानी तिवारी के साथ शादी तय करके 86 हजार रुपए नगद और 30 हजार रुपए बैंक एकाउंट में डलवाकर फरार हो गयी है। दोनो परिवारों ने फोटो में देखा तो बबीता तिवारी ने अपने गिरोह के साथियों के साथ मिलकर वही लड़की को दिखाकर दोनो परिवारों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी कर दी थी। शादी के नाम पर धोखाधड़ी और ठगी के शिकार वृद्ध जगदम्बा प्रसाद दीक्षित ने पुलिस कीसरण ली। कटनी के पुलिस अधीक्षक कटनी सुनील कुमार जैन के निर्देशन में टी.आई. कैमोर अरविंद जैन ने तत्काल पीडित की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर प्रार्थी और गवाहों के साथ फरार आरोपियों की सही जानकारी और तलाश पतासाजी की। प्रकरण में त्वरित एवं गहन शोध करते हुये कड़ी मेहनत कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि बबीता तिवारी का भाई बनकर नेग दस्तर करने वाला मामा केशव प्रसाद ब्राम्हण नहीं है उसकी सही नाम केशव प्रसाद साकेत पिता रामसजीवन साकेत निवासी ग्राम करकोठी थाना सभापुर जिला सतना है और विवाह हेतु दिखाई गयी लड़कियों का भाई बनकर पेश होने वाला दीपक भी ब्राम्हण नहीं है उसका सही नाम पता दीपक चौधरी पिता शिवराम चौधरी निवासी ग्राम बर्ती थाना रामपुर बघेलान जिला सतना है। विवाह के लिये स्वय का नेंग दस्तूर करने वाली बच्चियां साधना तिवारी पिता रमेश तिवारी निवासी ग्राम टिकुरी थाना कोटर जिला सतना एवं कुमार शिवानी त्रिपाठी पिता राकेश त्रिपाठी निवासी ग्राम टिकुरी थाना कोटर जिला सतना की रहने वाली है। गिरोह में अरुण कुमार तिवारी पिता कालूराम तिवार निवासी नई बस्ती थाना कोलगवा जिला सतना और मनसुख रैकवार पिता जमुना प्रसाद रैकवार निवासी सिंधी कैंप थाना कोलगवा सतना के द्वारा ऐसे संपन्न परिवारों से संपर्क किया जाता जिनके यहां लड़के कुवारे हों और शादी के लायक हो। अरुण तिवारी और मनसुख रैकवार का काम इन परिवारों को सतना ले जाकर बबीता तिवारी से मिलवाने का काम था, जिसके बाद साधना और शिवानी नाम की दोनो बच्चियों की मा बनकर बबीता तिवारी, मामा बनकर केशव प्रसाद और भाई बनकर दीपक चौधरी सगुन दस्तूर कराकर शादी की तारीख निकवा लेते और इसके बाद आर्थिक परेशानियों का हवाला देकर लाख डेढ लाख रुपए की ठगी कर अपना मकान बदलकर फरार हो जाते।