अधिवक्ताओं के 20 दिस . को कार्य से विरत रहने की खबर का मप्र राज्य अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने किया खंडन

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मनोहर

भोप[ल – प्रदेश में देर शाम दो पत्र खासे चर्चा में है – एक मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद् कार्यकारी सचिव का तो दूसरा मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद्  के  अध्यक्ष का।

पहला पत्र -मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता संघ कार्यकारी सचिव

पहले पत्र में लिखा गया है कि -लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही  है  कि माननीय उच्च न्यायालय से लेकर अधीनस्त न्यायालयों द्वारा अधिवक्ताओ से ठीक व्यवहार नहीं किया जाता। जिसका प्रत्यक्ष उदहारण इंदौर की घटना है। जहाँ अधिवक्तागण कार्य से विरत है। इसी के साथ परिषद् को 80 से 85 अधिवक्ता संघो से इस विषयक शिकायतें प्राप्त हुई है। जिससे अधिवक्ताओ के साथ पक्षकार भी प्रभावित हो रहे है।  मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद् ये निर्णय लेती है कि 20 दिसम्बर को प्रदेश से समस्त अधिवक्ता प्रतिवाद दिवस मानते हुए कार्य से विरत रहेंगे।

 

दूसरा पत्र -मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष

मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने पत्र जारी कर लिखा है कि -कुछ सदस्यों द्वारा इंदौर की घटना पर बार काउंसिल की मीटिंग करना प्रसारित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य के अधिकतर संघ द्वारा बहुमत  मेरे साथ है और मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष के रूप में यह मीटिंग मेरे द्वारा आहूत नहीं की गई है। अतः अवैध है। प्रदेश में कार्य से विरत रहने का कोई निर्णय हमारे द्वारा नहीं लिया गया है। इंदौर की घटना पर में विगत समय से आपके और माननीय मुख्य न्यायाधिपति  के संपर्क में हूं। अतः जब तक  मैं आपको स्वयं सूचित ना  करूं। मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के नाम पर किसी अन्य द्वारा कोई कार्यवाही किया   जाना कृपया मान्य ना  करें।