बैंको के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल

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संवाददाता सुनील यादव कटनी 

कटनी। भोपाल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस,जो कि बैंकिंग उद्योग के करीब शत प्रतिशत बैंक कर्मचारी व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता हैं के आह्वान पर बैंकों के निजीकरण के प्रयासों के विरोध में दस लाख बैंक कर्मचारी व अधिकारी 16 एवं 17 दिसम्बर को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में शामिल हुए । इस हड़ताल का असर कटनी में भी देखने मिला हड़ताल में बैंक मैनेजर से लेकर सफाई कर्मचारी तक के बैंक कर्मियों के शामिल होने के कारण बैंकिंग उद्योग का कामकाज पूर्णता ठप्प रहा।

बैंक कर्मियों की हड़ताल को कई राजनीतिक पार्टियों, केंद्रीय श्रमिक संगठनों, किसान संगठनों, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के अलावा देश भर की सैकड़ों ट्रेड यूनियनों का समर्थन मिल रहा है। कई स्थानों पर बैंक कर्मियों द्वारा की जा रही विरोध कार्रवाई में आम जनता, बैंक के ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 17 दिसंबर को सभी बैंक कर्मी हड़ताल पर रहकर अपनी-अपनी बैंकों के प्रशासनिक कार्यालयों के सामने प्रातः 11:00 एकत्रित होकर प्रदर्शन एवं सभाओं का आयोजन करेंगे।

सभी सरकारी क्षेत्र के बैंकों – बैंक ऑफ बड़ौदा ,बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण इन बैंकों का कामकाज ठप्प रहेगा।