आर्थिक रूप से संपन्न सारणी धीरे धीरे कंगाली की कगार पर -युवा संघर्ष मंच ने भेजें 3 हजार दो सौ पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री के नाम

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ब्यूरो रिपोर्ट सारणी 

सारनी। औद्योगिक नगरी सारनी पाथाखेड़ा को बचाने की मुहिम में युवा संघर्ष मंच द्वारा एक चिट्ठी सीएम के नाम पोस्टकार्ड अभियान 15 अक्टूबर के दिन से चल रहा हैं अभी तक 3 हजार दो सौ पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को भेजे जा चुके हैं। इस अभियान में उजड़ते शहर को बचाने के लिए लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा हैं। शनिवार को पावर प्लांट के ठेका श्रमिकों द्वारा पोस्टकार्ड अभियान को समर्थन देते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि पहले यह क्षेत्र आर्थिक रूप से संपन्न था अब धीरे धीरे कंगाली के दौर से गुजर रहा हैं इसका प्रमुख कारण यह हैं कि पावर प्लांट की 62.5 मेगावाट की छोटी 5 इकाइयों का डिस्मेंटल होना और वर्तमान में 6,7, 8, 9 नंबर की यूनिट अभी बंद रहने से यहां के मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसका यह नतीजा हैं कि लोग पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।

इसी तरह राजेश खाड़े ने बताया कि औद्योगिक नगरी सारनी में 660 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल यूनिट लगाने की मुख्यमंत्री की घोषणा आज भी पूरी नहीं हुई हैं जिसके चलते इस शहर की पहचान धूमिल होती जा रही हैं यही हाल रहा तो आने वाले समय में नगर के आवास जिस तरह से खंडहर हो गए हैं उसी तरह यहां के पावर प्लांट एक एक कर बंद होते जा रहे हैं।अब यहां पर बेरोजगारी का दंश युवा लोग झेल रहे हैं इस ओर किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।


इधर युवा संघर्ष मंच सारनी के सदस्य संजीव कोली, अनिल सोनारे, सुदेश तिवारी, बाबूलाल वाईकर, अशोक पचोरिया, दीनदयाल गुर्जर, शिवाजी सुने सहित अन्य सदस्यों द्वारा प्रतिदिन पोस्टकार्ड अभियान में लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा हैं और शहर को बचाने के लिए यूनिट लगवाने इस अभियान में लोगों से पोस्टकार्ड पर सीएम के नाम पत्र भिजवाए जा रहे हैं।