नाबालिग छात्रा ने छेड़खानी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुद को जिंदा जलाया

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एड.फैजान पटेल 

जबलपुर- में एक दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 17 साल की नाबालिग छात्रा  ने छेड़खानी और ब्लैकमेलिंग  से तंग आकर खुद को जिंदा जला दिया। घटना में वह 95% झुलस गई थी। मंगलवार देर रात जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। लड़की ने सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें तीन नाबालिग लड़कों और दो लड़कियों के नाम लिखे हैं। कहा है कि संबंधित आरोपियों ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। पुलिस ने देर रात तक पांचों आरोपियों को पकड़ लिया है।
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की 11वीं में पढ़ती थी। उसने खुद को आग लगाने से पहले एक नोट भी लिखा है। इसमें 16 से 17 साल के तीन नाबालिगों समेत आशा और ममता केवट को दोषी ठहराया है। लड़की ने लिखा- इन लोगों ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। मेरी शिकायत पुलिस ने भी नहीं सुनी। सॉरी पापा- मुझे माफ कर देना।
सुसाइड नोट में लिखा…
‘इन लोगों ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया है। मैं इनसे परेशान हो चुकी हूं। मेरा अनुराग चौधरी, वरुण, आशा, तन्वी और ममता ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया। इन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है। उसके घर के चारों तरफ लड़के घूमते रहते हैं। थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मेरी वजह से बहनों की जिंदगी बर्बाद न हो, इसलिए आत्महत्या करने जा रही हूं। रांझी थाना में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेकर रख ली।’
ऑटो ड्राइवर हैं लड़की के पिता, 4 बहनों में सबसे छोटी थी
लड़की के पिता ऑटो ड्राइवर हैं और मस्ताना चौक रांझी इलाके में रहते हैं। पीड़ित छात्रा 4 बहनों में सबसे छोटी थी। पिता सुबह ऑटो लेकर निकल जाते हैं। मंगलवार दोपहर में छात्रा ने छत पर जाकर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। चीख सुनकर बहनों ने पड़ोसियों की मदद से बचाने की कोशिश की। पुलिस को भी सूचना दी। छात्रा को मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात में इलाज के दौरान मौत हो हो गई। छात्रा के सुसाइड नोट और बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
थाने के बाहर खड़ा था आरोपी, पुलिस ने पकड़ा तक नहीं
बताते हैं कि सोमवार को मुख्य आरोपी और उसका नाबालिग दोस्त लड़की के घर आया और धमकी दी थी। इस पर छात्रा अपनी दो अन्य बहनों के साथ रांझी थाने में शिकायत करने गई थी। छात्रा की बड़ी बहन का कहना था कि पुलिस ने शिकायत लेकर रख ली। उनका कहना था कि पुलिस को घर भेजेंगे। जबकि आरोपी थाने के बाहर खड़ा था। छात्रा की बड़ी बहन ने भी बताया कि आरोपी ने शिकायत की तो तुरंत उसका केस दर्ज कर लिया। छात्रा ने एक महीने पहले ट्रेन से कटने की कोशिश की थी, तब दोनों बहनों और राहगीरों ने उसे बचा लिया था। छात्रा की मां का दो साल पहले निधन हो चुका है। बड़ी बहन की शादी हो गई है। घर पर छात्रा अपनी दो बड़ी बहनों के साथ ही रहती है।
छात्रा के मोहल्ले में रहता था नाबालिग आरोपी
मुख्य नाबालिग आरोपी पहले छात्रा के ही मोहल्ले में एक किराए के मकान में रहता था। 24 सितंबर को आरोपी नाबालिग लड़के ने छात्रा के पिता के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, धमकी देने समेत एससी-एसटी का केस दर्ज कराया था। इसी दिन पिता ने छात्रा को डांटा तो वह घर से बिना बताए चली गई थी। पिता की सूचना पर अपहरण का केस दर्ज हुआ था। अगले दिन लड़की घर पहुंच गई थी। 27 सितंबर को कोर्ट में बयान में बताया था कि स्कूल से लेट आने पर पिता की डांट के कारण घर छोड़कर रेलवे स्टेशन पर रातभर बैठी रही और सुबह गुस्सा शांत होने पर लौट आई थी। इधर, मारपीट की घटना के बाद आरोपी लड़के ने मकान छोड़ दिया और कहीं और रहने लगा था।