योग को खेल के रूप में शालेय शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा

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हर्षिता वंत्रप 

भोपाल-प्रदेश में योग को खेल के रूप में विकसित कर शालेय शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा। प्रदेश में जन-जन तक योग के विस्तार के लिए योग आयोग का गठन किया जाएगा। योग की शिक्षा को शालेय स्तर पर जोड़ने से शिक्षा को रूचिकर बनाने और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता मिलेगी। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। विद्यार्थियों को विभिन्न सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा को रूचिकर बनाने की दिशा में जारी इन प्रयासों से निजी स्कूलों की ओर जन-सामान्य का आकर्षण कम होगा। इस दिशा में जारी गतिविधियों के परिणाम शीघ्र ही प्रदेशवासियों को देखने को मिलेंगे। शिक्षा का उद्देश्य ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार देना है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा देने की प्रभावी पद्धति का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इंदर सिंह परमार, विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामकृष्ण राव तथा राष्ट्रीय महामंत्री श्री राम अरावकर, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित टास्क फोर्स के सदस्य तथा विषय-विशेषज्ञों ने भाग लिया।