मध्य प्रदेश को गरीबी में आगे बढ़ा रहे हैं शिवराज सिंह चौहान : पीसी शर्मा

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हर्षिता वंत्रप 

भोपाल-मध्य प्रदेश को विकसित राज्य व स्वर्णिम समृद्ध मध्य प्रदेश बताने वाली भाजपा के झूठ को केंद्र की सरकार ने पकड़ कर शिवराज सरकार को शर्मसार करने वाली रिपोर्ट जारी की है। नीति आयोग द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की एक तिहाई से अधिक आबादी गरीबी में रहती है।

पूर्व मंत्री और विधायक श्री पी सी शर्मा ने आज जारी एक बयान में यह बात कही। श्री शर्मा ने कहा कि अलीराजपुर में सबसे अधिक जनसंख्या 71.31 प्रतिशत गरीबी वर्ग के नीचे है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मप्र भारत का चौथा सबसे गरीब राज्य है, 2.5 करोड़ से अधिक लोग गरीब हैं।
श्री शर्मा ने कहा अलीराजपुर में सबसे अधिक आबादी 71.31 प्रतिशत गरीब है, इसके बाद पड़ोसी झाबुआ में 68.86 प्रतिशत आबादी गरीबी है और बड़वानी में 61.60 प्रतिशत लोग गरीब है और ये इलाके कुपोषण के भी शिकार हैं, कुपोषित बच्चों के प्रतिशत है।
2011 की जनगणना के अनुसार भारत का सबसे कम साक्षर जिला, अलीराजपुर को समग्र विकास के वादे के साथ 17 मई 2008 को झाबुआ से एक अलग जिला बनाया गया था। इसके गठन के तेरह साल बाद, यह मध्य प्रदेश का सबसे गरीब जिला है।
श्री शर्मा ने बतायक रिपोर्ट में कहा गया है कि मप्र में 36.65 फीसदी लोग गरीब हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के एमपीआई के तीन मानक हैं, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर-जो पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, प्रसवपूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पीने के 12 संकेतकों द्वारा दर्शाए जाते हैं। पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते भी इसमें शामिल हैं।
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के सभी जिलों में 40 प्रतिशत से अधिक आबादी गरीबी की मार झेल रही है। भाजपा के कुशासन की प्रतीक, केंद्र सरकार की यह रिपोर्ट शिवराज सरकार को आईना दिखाने के लिए काफी है।