कृषि वैज्ञानिकों की सलाह – किसान भाईयों को गेहूँ, चना, सरसों फसल हेतु समसामयिक सलाह

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मनोहर

होशंगाबाद -कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार कृषि विभाग द्वारा अच्छा उत्पादन प्राप्त करने हेतु किसान भाईयों के लिए समसामयिक सलाह दी जा रही है। गेहूँ की बुवाई के लिए यह उपयुक्त समय है। गेहूं की बुआई से पहले बीज को काबेंडाजिम 2 ग्राम प्रति किलो बीज दर से उपचारित करें तथा दीमक की समस्या वाली भूमि में क्लोरपीरिफास 20 ईसी 8 मिलीग्राम प्रति किलो बीज दर से उपचारित करें।
सिंचित जल्दी पकने वाली किस्मों के लिए उर्वरक सुझाव 120:60:30 किलो नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश प्रति हैक्टेयर की दर से डाले। नाइट्रोजन का उपयोग तीन भागों में करना चाहिए। आधी नाइट्रोजन की मात्रा और फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा बोनी के समय डाले। शेष 1/4 पहली सिंचाई के समय डाले, शेष 1/4 दूसरी सिंचाई के समय डाले। सिंचित शीघ्र पकने वाली किस्में एम.पी.3066, लोकवन, एच.डी. 2864, एचडी 2932, जे. डब्ल्यू, 1202, जे. डब्ल्यू 1201, सिंचित मध्यम अवधि में पकने वाली किस्में जी.डब्ल्यू. 322, जी.डब्ल्यू 451, तेजस, जी. डब्ल्यू. 273, एम. पी. 1201, एम. पी. 1142. जी. डब्ल्यू. 3288, जी.डब्ल्यू. 3211, जी.डब्ल्यू 3020, जी. डब्ल्यू. 3173, जी.डब्ल्यू. 3382, अर्धसिंचित अथवा असिचिंत किस्में सुजाता, सी 306, जे. डब्ल्यू 3211, जे. डब्ल्यू. 3288, जे. डब्ल्यू 3171 है।
चने की बुवाई के लिए भूमि में उचित नमी होने पर तैयार करें। बीज को थाइरम 3 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करने के पश्चात राइजोबियम 10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम बीज से उपचारित कर चने की बुआई करें। चने के लिए अनुशंसित उर्वरकों का प्रयोग करें, 20:20:40 किलो नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश प्रति हैक्टेयर का उपयोग बुआई के समय करें। चने की उन्नत किस्में शीघ्र पकने वाली जे.जी. 11, जे.जी. 12, जे.जी. 14, जॉकी. 9218, जे.ए. के. 31, आर.व्ही.जी. 201 202 203 मध्यम पकने वाली जे.जी.16, जे.जी. 315, जे.जी. 63, काबुली चना जे.जी. के.1, जे.जी.के.2, जे.जी.के.3, जे.जी.के.5 है।
सरसों की बुआई के लिए भूमि उचित नमी होने पर तैयार करें। बीज को थाइरम 3 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करने के पश्चात बुआई करें। असिंचित स्थितियों में 30 कि.ग्रा. नत्रजन 20 कि.ग्रा. फास्फोरस और 10 कि.ग्रा. पोटाश एवं 20 किलो सल्फर प्रति हैक्टर डाले। सिंचित स्थितियों में बुआई के समय नत्रजन 45 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर फास्फोरस 30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर, पोटाश 20 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर एवं 10 किलो सल्फर प्रति हैक्टर डाले।
सिंचित स्थितियों में बुवाई के समय नत्रजन 45 किग्रा प्रति हैक्टर, फास्फोरस 30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर, पोटाश 20 किग्रा. प्रति हैक्टर एवं 10 किलो सल्फर प्रति हैक्टर डाले। बाद में पहली सिंचाई के समय नत्रजन 5 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर डाले। सरसों की अनुशंसित किस्में पूसा महक, जे. एम. 03, जे. एम. 02, पूसा बोल्ड, जगन्नाथ पूसा अग्रणी, आर. एच. 749 है।

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