मधुमेह रोकथाम हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

Scn news india

उजेन्द्र कुमार जिला ब्यूरो

जुम्बा,योगाभ्यास और जीवन शैली में बदलाव का दिया जा रहा है संदेश
बलौदाबाजार,25 नवंबर 2021/स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मधुमेह के प्रति लोगों जागरूक करनें के उद्देश्य से विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस सिलसिले में ग्राम रवान,भद्रपाली , अर्जुनी,मोपर के स्वास्थ्य केंद्रों में जुम्बा,योगाभ्यास आयोजन किया गया। जिसके तहत जीवनशैली में मामूली बदलाव कर मधुमेह से बचाव के सम्बंधित तरीकों को बताया जा रहा है। गौरतलब है कि भारत मधुमेह की राजधानी माना जाता यहां 14 प्रतिशत आबादी किसी न किसी प्रकार से मधुमेह अर्थात जिसे सामान्य भाषा में शुगर की बीमारी कहा जाता है। जिला मुख्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ खेमराज सोनवानी ने बताया कि जिले में अब तक 1 लाख 39 हजार 7 लोगो की जाँच में 2 हजार 4 मरीज मधुमेह के मिले है। जिसमें से 21 वर्ष तक के 23 और 21 से अधिक के 40 ऐसे मरीज हैं जो गंभीर रूप से पीड़ित है।जिला नोडल अधिकारी डॉ राकेश कुमार प्रेमी ने बताया कि वजन में कमी अधिक भूख प्यास व मूत्र लगना थकान पिंडलियों में दर्द बार-बार संक्रमण होना या देरी से घाव भर ना हाथ पैर में झुनझुनाहट सूनापन या जलन रहना,धुंधला दिखना यह मधुमेह के लक्षण हो सकते हैं इसलिए तत्काल अपनी जांच करवानी चाहिए ।

जिले में जो 21 वर्ष तक के गंभीर मधुमेह के मरीज हैं उनके लिए दवाइयों और इन्सुलिन की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग करता है। शरीर में मधुमेह की उत्पत्ति इंसुलिन हार्मोन की कमी के कारण होती है। मधुमेह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है एक टाइप एक तथा दूसरा टाइप दो। टाइप एक में इंसुलिन के अत्यधिक कमी के कारण बाहर से इंजेक्शन लेना होता है जबकि टाइप टू को हम अपनी जीवनशैली में बदलाव करके विराम करके नियंत्रित कर सकते हैं। राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार डॉ सुजाता पांडे के अनुसार आज के समय में मधुमेह अनियमित जीवन शैली से उत्पन्न हुआ रोग है । कोई भी व्यक्ति अपनी दिनचर्या में बदलाव करके जैसे परहेज,नियमित रूप से व्यायाम और योगाभ्यास ,समय पर भोजन,पूरी नींद ,तनाव से मुक्ति के माध्यम से मधुमेह की परेशानी से बच सकता है। मधुमेह के कारण शरीर के अन्य अंग जैसे गुर्दा और आंखें भी प्रभावित होती हैं। उक्त कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि,अम्बुजा फाउंडेशन, सखी और अन्य स्टाफ ने भी सहयोग किया।