रणवीर जाटव पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज, मामला दबा तो नहीं रही पुलिस!

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पिंटू तोमर 

भिंड। गोहद विधानसभा क्षेत्र से सिंधिया समर्थक और पूर्व विधायक रणवीर जाटव के ख़िलाफ़ गोहद थाना में हत्या के प्रयास में एफ़आईआर दर्ज हुई है. ये केस हाल ही में गोहद क्षेत्र के क्रेशर संचालकों के विवाद में हुई गोलीबारी के मामले में हुआ है.

क्रेशर संचालकों का पुराना झगड़ा

जानकारी के मुताबिक़ सोमवार को गोहद के पिपरसाना गांव में संचालित दो क्रेशरों के संचालकों के बीच लम्बे समय से विवाद चला आ रहा है. जिनमें से एक क्रेशर भगवती इन्फ्राटेड में पूर्व विधायक रणवीर जाटव के रिश्तेदार भी पार्टनर हैं. ऐसे में इसका संचालन भी कथित तौर पर पूर्व विधायक द्वारा ही किया जाता है. बताया जाता है पहले श्रीजी इन्फ्राटेक क्रेशर के संचालक खंडेलवाल भी पार्टनर थे. जिन्हें बाद में अलग कर दिया गया और उनके कुछ पैसों को लेकर भगवती इंफ़्राटेक के संचालकों से विवाद चल रहा है.

रणवीर जाटव और उनके समर्थकों पर FIR

पिपरसाना गांव में सोमवार को गुल्लू सिकारवर और उसके साथी श्रीजी क्रेशर के रास्ते पर थे. उनके साथ ही एक एलएनटी मशीन आगे चल रही थी. इसी दौरान रास्ते को लेकर विवाद के चलते अचानक पूर्व विधायक रणवीर जाटव के ख़ास लोगों में शामिल रामलखन जाटव ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस एफ़आईआर में दी गयी जानकारी के मुताबिक़ पीड़ित ने बताया कि रामलखन जाटव के साथ रणवीर जाटव, चेतन गुप्ता और रामलखन गुर्जर भी थे देखते ही देखते मौक़े पर मौजूद एलएनटी मशीन में गोलियां लगी और एक गोली गुल्लू को लगी, जिससे वह घायल हो गया. हालांकि इस दौरान दूसरी ओर से भी जवाबी फ़ायरिंग की सूचना भी पुलिस को मिली थी.

पूर्व विधायक के लोगों ने भी कराई एफ़आईआर

घायल का इलाज फ़िलहाल ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है. गोहद पुलिस ने भगवती इंफ़्राटेड क्रेशर पर काम करने वाले एक शख़्स द्वारा भी गुल्लू समेत 4 लोगों पर जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज कराया गया है. फरियादी ने FIR में गुल्लू और उसके 3 साथियों द्वारा उसी स्थान पर आकर गाली गलौज करने और जानलेवा हमला करने की शिकायत की है.

पुलिस ने दोनों पक्षों पर की क्रॉस एफआईआर

इस पूरे मामले में गोहद थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर एफ़आईआर कर मामले में क्रॉस क़ायमी कर दी है. थाना प्रभारी का कहना है कि अभी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज हुआ है. विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर पुलिस आगे कार्रवाई करेगी. हमने इस मामले पर पूर्व विधायक रणवीर जाटव का पक्ष जानने के लिए फ़ोन से सम्पर्क किया लेकिन उन्होंने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया.

रणवीर पर हुई एफ़आईआर में कई ग़लतियां!

इस पूरी कार्रवाई में पूर्व विधायक का वर्चस्व नज़र आ रहा है, ऐसा लग रहा है कि कहीं ना कहीं पुलिस द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. दर्ज FIR में भी आरोपियों में रणवीर जाटव का नाम है, लेकिन उसी FIR में पीड़ित द्वारा दिए गए कथन में नाम रामवीर जाटव लिखा गया है. क़ानूनी कार्रवाई में इस तरह की गलती होना मानवीय भूल नहीं मानी जा सकती है. कोई भी एफ़आईआर दर्ज होने से पहले उसे क्रॉस चेक किया जाता है.

कार्रवाई होगी या सिर्फ लीपापोती

गोहद थाना प्रभारी ने साफ़ बताया कि पूर्व विधायक के ख़िलाफ़ भी एफ़आईआर दर्ज हुई है. लेकिन उनकी जानकारी भी आधी अधूरी ही दर्ज की गयी है. रणवीर और उनके साथ के सभी आरोपियों के पते अज्ञात बताए गए हैं. ऐसे में इस मामले की जांच और कार्रवाई कितनी सटीक होगी या मामले को दबा दिया जाएगा अभी कहना मुश्किल है।