प्रताड़ना से तंग आकर एलएंडटी कम्पनी कर्मचारी ने लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

Scn news india

संवाददाता सुनील यादव करनी 

प्रताड़ना से तंग आकर एलएंडटी कम्पनी कर्मचारी ने लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

परिजनों व कर्मचारियों ने लगाया कंपनी प्रबंधन पर प्रताड़ना का आरोप

कटनी जिले में करोड़ो रुपए की लागत से सबसे बड़ा फ्लाईओवर बना रही एलएंडटी कंपनी के एक कर्मचारी ने प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगने का मामला सामने आया है। कर्मचारी द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम से अन्य कर्मचारी सकते में आ गए हैं और जमकर कंपनी के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं।

मृतक कर्मचारी धीरेंद्र द्विवेदी निवासी सोनवर्षा जिला सीधी के परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह एलएंडटी कॉपनी के प्लांट में बैचिंग प्लांट हेल्पर के पद पर कार्य कर रहा था लेकिन रविवार को उसे अवकाश के दिन भी एल एन टी के अधिकारी जबरन काम पर बुलाया गया लेकिन मृतक कर्मचारी धीरेंद्र ने तबीयत खराब होने के कारण मना कर दिया। इस पर एल एन टी के सुपरवाइजर अजीत सिंह ने कहा कि अब सोमवार से ड्यूटी पर मत आना जब धीरेंद्र सोमवार को ड्यूटी पर पहुंचा तो पंच मशीन में उसका फिंगर नहीं लिया गया। जिससे वह परेशान हो गया। उसने सुपरवाइजर अजीत सिंह से पूछा तो उसने कहा कि तुम्हें काम से निकाल दिया गया है। इस पर उसे ऑफिस में ले जाकर के धमकी दी गई और कहा कि अब दोबारा काम पर नहीं आना।

परिजनों का आरोप है कि उसके साथ मारपीट कर उसे बहुत प्रताड़ित भी किया गया है। वही भाई रमेश कुमार द्विवेदी ने भी बताया कि लगातार एन एन टी कंपनी के अधिकारियों द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे परेशान होकर के 15 नवंबर को मृतक कर्मचारी धीरेंद्र द्विवेदी ने चुनकाई मोहल्ला पड़रिया में अपने किराया के मकान में फांसी लगा ली। इस पर साथी कर्मचारी अतुल पटेल व उसके अन्य साथी वहां जाकर देखा तो धीरेंद्र फांसी पर लटक रहा था। एक अन्य कर्मचारी के साथ मिलकर उसे फांसी के फंदे से उतारा और तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहा उसकी हालत में सुधार होने ना होने पर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया जहां पर आज सुबह 4:00 बजे धीरेंद्र कर्मचारी की मौत हो गई है।

कर्मचारी की मौत से साथी कर्मचारी व परिजनों का आक्रोश भड़क उठा है। कर्मचारी श्रीमान मिश्रा का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन लगातार कर्मचारियों से 12 से 14 घंटे काम लेती है। सप्ताह में कोई अवकाश नहीं मिलता। उन्हें पे स्लिप भी नहीं दी जाती। आवाज उठाने पर उन्हें कह दिया जाता है कि यदि आपको यह काम अच्छा नहीं लग रहा तो छोड़कर चले जाएं इस दौरान जब श्रीमान ने कंपनी प्रबंधन की मनमानी को उजागर किया तो मौके पर मौजूद मैनेजर आई आर एसके ठाकुर ने खुलेआम धमकी दी कि दोबारा तुम्हें कंपनी में काम करना है ठीक बात नहीं होगी।

कर्मचारियों की आरोप है कि रेलवे व प्रशासन कंपनी प्रबंधन की मनमानी पर ध्यान नहीं दे रहा। वही जिला अस्पताल में मृतक कर्मचारी के परिजन व एन एन टी के अधिकारी के बीच जिला अस्पताल में बात विवाद भी जमकर हुआ…वही एल एन टी कॉपनी के मैनेजर आई आर एसके ठाकुर ने बताया कि धीरेंद्र द्विवेदी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उसने पंचिंग मशीन तोड़ दी थी इसलिए उसे काम से निकाल दिया गया था। मारपीट आदि प्रताड़ना का आरोप निराधार है। अवकाश पर काम लेने की बात रही तो सरकार भी काम लेती है हमें तय समय में प्रोजेक्ट पूरा करके देना है तो ओवरटाइम कर्मचारियों से काम तो लेंगे ही। रही बात वेतन की तो वेतन अकाउंट में दिया जाता है।