केंद्रीय सहकारी बैंक पिछोर के घोटाले में 6 कर्मचारी निलंबित और एक बर्खास्त एक अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर

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हर्षिता वंत्रप 

भोपाल-सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि सहकारी बैंक में अनियमितता, गबन, घोटाला  में लिप्त अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई  होगी। भ्रष्टाचार के प्रकरण में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ग्वालियर की पिछोर शाखा में बैंक राशि की हेरा-फेरी करने में लिप्त पाए गए अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

आडिट टीम की जाँच में  सहकारी बैंक शाखा पिछोर में पदस्थ रहे तत्कालीन 4 लिपिक, 2 शाखा प्रबंधक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, ग्वालियर के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी दोषी पाए गए। जाँच में दोषी पाए जाने पर संविदा पर पदस्थ लिपिक जसवंत कुशवंशी की सेवाएँ समाप्त की गई। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक  ग्वालियर के तत्कालीन  मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.बी.एस. ठाकुर के विरुद्ध एफआईआर कराने की कार्रवाई की जा रही है। शाखा प्रबंधक श्री अरविंद सिंह तोमर, श्री पी.के. श्रीवास्तव, लिपिक कुमारी शिखा गुप्ता, कुमारी लवली नाडिया, श्री प्रशांत रामपुरिया, श्री राघवेन्द्र पाल और भृत्य श्री देवेन्द्र शर्मा को निलंबित किया गया है। यह सभी अधिकारी-कर्मचारी सहकारिता आयुक्त द्वारा गठित विशेष ऑडिट टीम की जाँच में   प्रथम दृष्टया बैंक राशि में हेरा-फेरी और गबन करने के   दोषी पाए गए हैं।

ज्ञातव्य है कि पिछोर शाखा की पूर्व में हुई जाँच में कुछ को दोषी पाया गया और उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। इसके बाद प्राप्त शिकायत के आधार पर सहकारिता आयुक्त के द्वारा आडिट के लिए विशेष टीम गठित कर फिर से आडिट करवाया गया।