शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में आयोंजित हुई ई- संगोष्ठी “साहित्य और समकालीन स्त्री” विषय पर रहा फोकस

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धनराज साहू ब्यूरों

उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय भैंसदेही में अकादमिक उत्कृष्टता गतिविधियों के अंतर्गत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में हिंदी विभाग द्वारा “साहित्य और समकालीन स्त्री” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस संगोष्ठी में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ गौरी त्रिपाठी प्रथम वक्ता के रूप में उपस्थित रही। डॉ त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में मीरा, महादेवी वर्मा सहित अन्य साहित्यकारों के साहित्य में स्त्री की भूमिका को समझाते हुए वर्तमान समाज में स्त्री की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समकालीन स्त्री आज भी स्वतंत्र नहीं है, अनेक बंधनों में बंधी हुई है।
कार्यक्रम में द्वितीय वक्ता के रूप में जे एच कॉलेज बैतूल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मीना डोनिवाल उपस्थित रही। उन्होंने अपने वक्तव्य में वर्तमान साहित्य में स्त्री की स्थिति में आ रहे परिवर्तनों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के संरक्षक और महाविद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र दवंडे ने साहित्य में स्त्री की भूमिका के संबंध में अपने विचार प्रकट किये। इस ई-संगोष्ठी में प्राप्त शोध पत्रों को “शोध ऋतु ” नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष और कार्यक्रम के संयोजक डॉ उमेश चरपे ने किया। आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम की समन्वयक सुश्री संतोषी धुर्वे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थीगण उपस्थित रहें।