ओलंपिक के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करने खेत की पथरीली जमीन पर दौड़ लगा रहा प्रहलाद डाहके

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धनराज साहू ब्यूरों

  • ओलंपिक के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन करने खेत की पथरीली जमीन पर दौड़ लगा रहा प्रहलाद डाहके
  • दौड़ लगाकर महज ढ़ाई घंटे में गुदगांव से खेड़ी तक 40 किमी. का सफर किया तय।

 

बैतूल जिले के आदिवासी विकास खंड भैंसदेही के अंतर्गत ग्राम पंचायत धामनगांव के छोटे से ग्राम ठेमगांव निवासी एक युवक के ओलंपिक में ग्राम का नाम रोशन करने के उद्देश्य से खेत की पथरीली जमीन पर दौड़ की प्रैक्टिस कर रहे प्रहलाद डाहके इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। अत्यंत गरीब परिवार से सरोकार रखने वाले ठेमगांव निवासी प्रहलाद डहाके ने बताया कि उनका सपना है की दौड़ के क्षेत्र में आगे आकर मैं अपने क्षेत्र और गांव का नाम रोशन करु। बस इसी सपने को साकार करने के उद्देश्य से उन्होंने ग्राम ठेमगांव स्थित अपने निजी खेत की पथरीली जमीन पर दौड़ की प्रैक्टिस शुरू की और वे रोजाना अपने खेत में दौड़ लगाकर अपने सपने को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं।

दौड़ के क्षेत्र में वे काफी प्रेक्टिस कर चुके हैं। लेकिन गरीबी के कारण वे अपनी इस प्रतिभा को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने में अब तक सफल नहीं हुए है। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की है। क्षेत्र के होनहार युवक प्रहलाद डहाके के सहयोगी वासुदेव बारस्कर ने जानकारी देते हुए बताया कि खेत की पथरीली जमीन में दौड़ की निरंतर प्रैक्टिस करने के पश्चात प्रहलाद डहाके ने हाल ही में बस स्टैंड गुदगांव चौपाटी से खेड़ी सावलीगढ़ (बैतूल) तक दौड़ लगाकर महज ढाई घंटे में 40 किलोमीटर का सफर तय किया है।

और उनकी इस सफलता के लिए उनके सभी सहयोगीयों ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए प्रह्लाद डहाके को बधाई देते हुए और आगे निरंतर अपना प्रयास जारी रखने का आह्वान कर भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। इस पिछड़े एवं आदिवासी छोटे से ग्राम ठेमगांव से प्रहलाद डाहके के रूप में ऐसी प्रतिभाएं सामने आने पर निश्चित तौर पर क्षेत्र का गौरव बड़ा है। क्षेत्रवासियों ने प्रह्लाद डाहके के उज्जवल भविष्य की कामना की है।