1960 के दशक से तामिया मे बालक स्कूल मे थी सहशिक्षा की व्यवस्था, मध्यप्रदेश के गठन से पहले फारेस्ट कालोनी का मिडिल स्कूल भवन

नितिन दत्ता तामिया

छिंदवाडा– बालिका शिक्षा मे तामिया पहले से आगे रहा वर्तमान मे तामिया का बालक विधालय सहशिक्षा का केंद्र था तब स्कूलो की कमी के साथ लडकियो का पढना बडी बात मानी जाती थी | प्रदेश की सबसे बडी आदीवासी परियोजना का मुख्यालय तामिया आदीवासी बाहुल्य होने के बाद भी 1960 के दशक से को लडके लड्कियो की शिक्षा का अहम केंद्र रहा तामिया के फारेस्ट कालोनी स्थित वालक माध्यमिक शाला भवन 1955 मे बना वही 1961-62 मे यहा माध्यमिक स्कूल था प्रदेश का गठन 1956 मे हुआ था को एजुकेशन के केंद्र इस पुराने भवन की देखरेख को लेकर आज भले ही प्रशासन का रवैया लापरवाह है लेकिन 1965 में उत्कृष्ट विधालय बनने के पहले हाईस्कूल की व्यवस्था भी यही से संचालित होती थी | उत्कृष्ट विधालय के उच्च श्रेणी शिक्षक दीपक जोशी ने बताया कि पुराने दाखिल खारिज रिकार्ड के मुताबिक 1961-62 से यहा सह शिक्षा की व्यवस्था थी | तामिया से छिंदवाडा रोड मे फारेस्ट कालोनी के पास बालक माध्यमिक शाला भवन सबसे पुराना शिक्षण संस्थान है पहले स्कूलो की कमी के चलते यहा आसपास के गावो के बच्चे पढने आते थे | बालक माध्यमिक शाला के आसपास के पुराने भवन पहले ही धराशायी हो गये वही बालक माध्यमिक शाला भवन आज भी पुराने स्वरूप मे है जिसे मरम्मत कर नई पीढीयो के लिये सहेजने की जरुरत है | शासकीय बालक माध्यमिक शाला के हेड मास्टर मोहम्मद सगीर ने बताया कि उन्हे भी साठ के दशक मे पढाई के प्रति जागरुकता के साथ बालिका शिक्षा को लेकर उस जमाने की प्रगतिशील सोच का पता पुराने रिकार्ड से चला |


1969-1973 तक यहा था को एजुकेशन – बालिका सिक्षा को बढावा देने आज सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है तामिया इस मामले मे शुरु से बहुत आगे रहा | बालक माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक मोहम्मद सगीर ने बताया कि उनके विधालय मे 1969 का रिकार्ड है उसके पहले के उत्कृष्ट विधालय मे मौजूद है | 1955 मे स्थापित तामिया के पहले स्कूल भवन मे पढाई को लेकर जागरुकता के माहौल का पता चलता है | जानकारी के मुताबिक अगस्त 1969 मे दाखिल खारिज क्रमांक 777 उस समय की छात्रा शकुन वाइकर ने कक्षा आठवी मे प्रवेश लिया था उसके बाद 1972 मे दाखिल खारिज क्रमांक 943 मे कक्षा सातवी की तत्कालीन छात्रा सविता पांडे यहा कि छात्रा रही | 1973 से यहा बालक माध्यमिक शाला ही संचालित है |


1969 से 1972 तक 55 छात्रायो ने अध्ययन किया – प्रधानपाठक मो. सगीर ने बताया कि कक्षा 6से 8 तक यहा पढी छात्रायो में 1969 मे कु. शकुन वाईकर 1970 में कु. रामप्यारी पिता बालकराम, कौशल्याबाई पिता मंगलू पांडुपिपारिया, कु, अलका गुड्डीबाई भूलन आशादेवी पिता रतनलाल संगीता बीडी तिवारी, आशा के एल तिवारी, सीता पिता मनमोहन 1971 मे आशालता भैरवप्रसाद कुसुमलता पिता प्रेमनारायण राधा पिता धनराज, कु. कमलिनी एसके राव, उर्मिला एसएल मालवीय बांसडोंगरी, उषादेवी पिता कन्हैयालाल राधाबाई पिता तुलसीराम कु. विजू पिता बाबूराव कु. उर्मिला पिता राधिकाप्रसाद, सिमिया पिता हल्के, मालती पिता भानशाह सुशीला पिता रामचरण, लक्ष्मी पिता चिंतामन,सावित्री बाला प्रसाद, पार्वती पिता सुमरू सुभाषिनी पिता बालाप्रसाद, शकुन एसएस उइके, सियावती पिता संजूशाह संध्या पिता सिंधुलाल वरठे, 1972 मे मगनवती पिता नानकशाह, कांताबाई पिता उभेराम,लीलाबाई पिता भूलन, ज्ञानवती पिता फगरसिंह, रजनीबाई फगर सिंह,ज्ञानाबाई पिता गुलाब, सरोज कुमारी पिता भगत सिंह नीलमनी सुलोचना पिता श्री आशेर, विमला पिता रुआबचंद, सरस्वती पिता शिवलाल, निर्मला बाई पिता रामाधार, सुखवती बाई पिता गणेश प्रसाद कलार,चंद्राबाई पिता खुमानसिंह, मुन्नीबाई पिता छेदीलाल, कमलाबाई पिता गोकुलप्रसाद, उर्मिला पिता रामचरण, प्रवीण कुमारी पिता रमेश प्रसाद, चंद्राबाई पिता चिंतामन, उमाबाई पिता छोटेलाल,शांताबाई पिता सरजू, प्रतिभा पिता मनोहर राव ,पुष्पलता पिता मलखान सिंह क्षत्रीय, सविता पिता उदयभान, सुशीलमनी पिता रूपसिंह,उषाकिरण पिता रामसेवक, प्रतिभा पिता उदयभान शाह, सविता पिता मवि पांडे ने यहा अध्ययन किया था |

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