हम सौभाग्य शाली है कि गांधी जी दमोह आये थे-केन्द्रीय मंत्री श्री पटैल , राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म जयंती पर कार्यक्रम ”भारत भाग्य विधाता” सम्पन्न

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अभिषेक जैन 
दमोह :
हम लोग बहुत छोटी जगह के लोग है, हमारे पास इससे बड़ीजगह अभी है नहीं, इसीलिये लग रहा होगा की यह जगह छोटी है, हमसौभाग्य शाली है कि गांधी जी दमोह आये थे, और उन्हें एक हरिजनबस्ती में गुरूद्वारा की आधार शिला रखी थी। वह गुरूद्वारा आज भीमौजूद है, हम सौभाग्यशाली है। इस आशय के विचार संस्कृति एवंपर्यटन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रहलाद सिंह पटेल ने गत दिवस स्थानीयमानस भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म जयंती परश्रीमद् राजचन्द्र मिशन धरमपुर द्वारा आयोजित ”भारत भाग्य विधाता”के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किये।
उन्होंने कहा मेरे क्षेत्र में बलेह ऐसी जगह है जहां गांधी जी दो बारगये, सागर जिले के सर्वाधित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उस गांव से हैं औरतीसरा स्थान है अनंतपुरा जहां पर गांधी जी ने रात्रि विश्राम किया औरवहां पर चर्खा कार्यक्रम शुरू किया गया।

उन्होंने कहा इसी के निमित्त में16 अगस्त से 19 तारीख तक अनंतपुरा से अपनी पैदल यात्रा शुरू कररहा हूं और दमोह तक करूंगा।
उन्होंने कहा यह मंचन गांधी जी के उन मनोभावों को हम सबकेबीच में प्रस्तुत करेगा जो समाज के सकारात्मक विकास में हम सबकोसहयोगी बनायेगा। उन्होंने न्याय प्रक्रिया से जुड़े सभी सम्मानितन्यायाधीशगणों, जनप्रतिनिधियों, सम्मानीय पत्रकार बन्धुओं, कलासाहित्य से जुड़े जिले के तमाम विभूतियों का सांसद एवं गांधी दर्शनसमिति के उपाध्यक्ष होने के नाते सभी का स्वागत किया।

उन्होंने श्रीमद्राजचन्द्र मिशन धरमपुर के सभी कलाकारों के प्रति धन्यवाद ज्ञापितकिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री स्वतंत्रप्रभार प्रहलाद सिंह पटेल, पिं्रसिपल जिला जज शंभूसिंह रघुवंशी नेकिया। इस मौके पर विशेष न्यायाधीश आर.एस.शर्मा, विधायक हटापी.एल.तंतुवाय, विधायक जबेरा धर्मेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायतअध्यक्ष शिवचरण पटैल, नगर पालिका अध्यक्ष मालती असाटी खासतौरपर मौजूद थे।

कार्यक्रम में शुभारंभ अवसर पर श्रीमद राजचन्द्र मिशनधरमपुर के पदाधिकारियों ने अतिथियों का सम्मान किया।
कार्यक्रम में एडीजे पूरन सिंह, एडीजे संदीप श्रीवास्तव, एडीजेनवीन पाराशर, एडीजे नीरज शर्मा, जिला रजिस्ट्रार रवि नायक,विधायक दमोह राहुल सिंह, विधायक पथरिया रामबाई सिंह, सांसद की पत्नी पुष्पलता सिंह, सांसद की पुत्री फलित सिंह, प्रतिज्ञा सिंह, एसडीएम रविन्द्र चौकसे, सांसद प्रतिनिधि आलोक गोस्वामी, रामकलीतंतुवाय, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, सम्मानीय मीडियाजनसहित कला साहित्य से जुड़े लोग मौजूद थे।
मानस भवन में आयोजित ” भारत भाग्य विधाता” गांधी जी केआत्ममथंन से हमें परिचित करवाता है, जिनके जीवन की अनेकचुनौतियों और उसके प्रति उनके प्रति भाव एवं उसके पीछे उनकीपरिपक्य विचार धारा से अवगत करवाना इस नाटय प्रयोग का लक्ष्य है।साधारण से अतिशय असाधारण तक यह मार्ग तय करने में गांधी जी नेकेवल अपनी ही नहीं भारत देश के भाग्य का नवनिर्माण कर दिया।नाटक गांधी जी के जीवन सत्य और अंहिसा के प्रति उनकी निष्ठा राष्ट्रभक्ति और मानवता के प्रति उनकी संवेदनशीलता का सुंदर प्रतिपादनकरता है। जिससे प्रेक्षिकों को भी उनकी सात्विकता का अनुभव होताहै। अपने भीतर भी वे ”गांधी” खोजने के लिए तत्पर होते है और गांधीजी के पद चिन्हों पर चलने के लिए उत्साहित होते है।
प्रस्तुति प्रेक्षकों के हदय को छू लेती, संवादों के प्रभाव में बहा लेजाती, इस नाटयकी के लेखक प्रकाश कापहिया दिग्दर्शन ने किया,सुप्रद्धि दिग्दर्शन राजेश जोशी ने और धर्मेश मेहता इसके सूत्रधार है ।
उल्लेखनीय है अपनी गौरवपूर्ण यात्रा में आगे बढते हुए 17 मई2019 की शाम राष्ट्रीय पति भवन द्वारा इस नाटक का एक विशिष्ठआयोजन किया गया था। महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जीऔर उपस्थित महानुभाव ने इसे देखा और सराहा। युनेस्को नई दिल्ली नेभी नाटक को अपना समर्थन दिया।
सम्रग विश्व जब हमारे राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी की 150 वींजन्म जयंती का उत्साव मना रहे है। तब यह उत्सव में उत्साह के साथभाग लेते हुए श्रीमद राजचन्द्र मिशन धरमपुर महात्मा गांधी के जीवनऔर संदेश पर आधारित भव्य नाटक ” भारत भाग्य विधाता” प्रस्तुत कररहा है। श्रीमद् राजचन्द्र मिशन धरमपुर के संस्थापक पूज्य गुरू देव श्रीराकेश भाई की प्रेरणा से सृजित नाट¬ प्रयोग संगीता नाटक, अकादमीनई दिल्ली एवं गुजरात सरकार के सहयोग से देश भर में गुजराती औरहिन्दी भाषाओं में प्रस्तुत हो रहा है, नाटक का गुजराती प्रीमियर मार्च2019 में पूज्य गुरूदेवी श्री की पावन उपस्थिति में गुजरात के माननीयराज्यपाल श्री ओपी कोहली, मुख्यमंत्री श्री विजय भाई रूपानी एवंअनेक गणमान्य महानुभाव के सामने हुआ था। अल्प ही काल में ईस के75 हाउस फुल प्रयोग हो चुके है। श्रीमद राजचन्द्र मिशन धरमपुर2017 में श्रीमद राजचन्द्र जी और महात्मा गांधी के गहन आध्यात्मिकसंबंधों के ऊपर आधारित नाटक ”युगपुरूष महात्मा के महात्म” प्रस्तुतकर चुका है। जिसके साथ विभिन्न भाषाओं में एक साथ 8 टीम के द्वारादेश -विदेश में 1060 नाट¬ प्रयोग हुए। जिसे लाखों प्रशिक्षकों ने देखा,जिसने रंगभूमि की दुनिया में  एक अदभुत इतिहास सृर्जित किया।मिशन की सर्जनात्मकता आयोजन क्षमता प्रतिबद्धता और तजुर्बो कोदेखकर भारत सरकार ने महात्मा गांधी जी के जीवन पर आधारितनाट¬कृति का निर्माण करने का निमंत्रण दिया और एक अभूतपूर्व नाट¬प्रयोग का निर्माण हुआ, ” भारत भाग्य विधाता”।
विश्वभर के लोग जिनसे प्रेरणा लेते है, ऐसे महात्मा गांधी जी नेस्वयं कहा है कि उनके आंतरिक जीवन के निर्माण में श्रीमद् राजचन्द्रजी का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने अपनी आत्म कथा ” सत्य केप्रयोग” में रायचन्द्र भाई श्रीमद जी नामक एक स्वतंत्र प्रकरण भी लिखाहै, श्रीमद् रायचन्द्र जी और महात्मा गांधी जी इन दोनों महापुरूषों केसिद्धांत एवं बोध की अमूल्य विरासत एक नाटक के रूप में वर्तमानपीडी के समक्ष प्रस्तुत करके पू. बापू को गौरवपूर्ण

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