हमारे बारे में

Scn news india

(नोट -कृपया समय हो तो ही लेख पढ़े अन्यथा अपना वक्त और हमारी मेहनत जाया ना करें )

संस्थापक - राजेंद्र वंत्रप
संस्थापक – राजेंद्र वंत्रप

एससीएन न्यूज इंडिया एक परिचय

एससीएन न्यूज इंडिया का नाम ही पत्रकारिता में तकनिकी मिश्रण का नवीनतम प्रयोग है। जिस गति से सुचना प्रसारण की तकनिकी विकसित हुई है।  उस गति से हमने अपने पाठकों तक अपडेट समाचारों को पंहुचने हेतु नई  नई  तकनिकी का प्रयोग कर पाठकों व् दर्शकों तक त्वरित समाचारों के संप्रेषण का प्रयास किया है। और करते रहेंगे। आज का युग सुचना संचार क्रांति प्रौद्योगिकी का युग है। और यूजर्स भी आज अपडेट चाहता है। समाचार  प्रिंट और टेलीविजन से निकल इंटरनेट पर आ गए है। मोबाईल के माध्यम से पाठकों तक पंहुच रहे है। जो आज की जरूरत है।

आप ये जानते है की जब लोग समाचार पत्र का मूल्य चूका कर  12 से 24 घंटे पुरानी ख़बरें पढ़ने के लिए तैयार है। टेलीविजन पर समाचार देखने के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन  हेतु पैसे देने के लिए तैयार है तो सोचिये आप त्वरित समाचार वो भी निःशुल्क देते है तो क्या लोग तैयार नहीं होंगे। आपके सामने बहुत बड़ा बाजार है। बशर्ते की आप की योग्यता पर निर्भर करता  कि आप समुद्र से पानी चम्मच में उठाना चाहते है की टैंकर से।

अपनी जानकारी का दायरा बढ़ाएं। अपने को छोटा ना आंके। सटीक विश्लेषक बने। ध्यान रखें – पढ़ लिख कर आप समझदार जरूर बन सकते है लेकिन  अनुभव से होनहार और एक अच्छे पत्रकार के लिए समझदार व् होनहार दोनों होना आवश्यक है। क्योकि आप जिनसे सवाल करने जा रहे है वो अपने कार्यक्षेत्र के कुशल है  ,माहीर है , डिग्रीधारी है। इस लिए पहले अपनी जानकारी दुरुस्त कर लें।

इतना जानलें की जिन्दा रहना है तो साँसे आपको खुद ही लेनी पड़ेगी। हमने युवाओं के लिए एक विज्ञापन से रोजगार का साधन के लिए एक प्लेटफार्म विकसित किया है। जहाँ आपको सिखने के लिए बहुत कुछ है। साथ  ही आप स्थानीय स्तर पर समाचारों सहित विज्ञापन अपडेट कर आर्थिक समृद्धि पा  सकते है। रोजगार बना सकते है।  बाजार को आज लोगों की जरुरत है। एससीएन न्यूज इंडिया  वेब पोर्टल दैनिक समाचार कंटेंट  हेतु भारत सरकार की समाचार एवं विज्ञापन प्रकाशन सम्बन्धी सभी गाइडलाईन के  परिपालनार्थ पंजीकृत पोर्टल है। और 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स  हमें फॉलो करते है।

स्थापना 

एससीएन न्यूज इंडिया की स्थापना 2007 में संस्थापक राजेंद्र वंत्रप   के द्वारा मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल जिला बैतूल से सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक  एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओ को उजागर करने व् गरीब असहाय की आवाज जिम्मेदारों के कानों तक पंहुचने  एवं  समाज एवं व्यवस्था के सकारात्मक पहलुओं को भी जनता तक त्वरित गति से पहुँचाने हेतु की गई।  2007 में भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक द्वारा  पंजीकृत शीर्षक “सतपुड़ा सिटी नेटवर्क” साप्ताहिक समाचार पत्र द्वारा स्वछंद पत्रकारिता की शुरुआत की । जो भोपाल से प्रदेश स्तर पर प्रकाशित किया जाता रहा।

किन्तु हमारा  मकसद सदैव गरीब, असहाय, पीड़ितों की आवाज शासन प्रशासन तक शीघ्र पंहुचना रहा , ताकि उन्हें जल्द समाधान मिल सके।  जिस हेतु हमने पत्रकारिता में तकनिकी मिश्रण मिश्रित कर नित नए आयाम को अंगीकृत किया और समय के साथ परिवर्तन कर आगे बढ़ते रहे। हमारा किसी राजनैतिक दल से वास्ता नहीं है। सत्ता पक्ष की उपलब्धियों को जनता तक लाना /खामियों को उजागर करना हमारा धर्म और जिम्मेदारी है। जो अच्छा है उसकी प्रशंसा करने में में कैसा संकोच। आलोचना /समालोचना /नकारात्मक /सकारात्मक यही तो पहलू है पत्रकारिता के, कि  आप निष्पक्ष हो कर निर्भीकता के साथ अपनी बात कहे। भारत के संविधान ने भी आपको विचारों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की है। आप व्यवस्था पर जरूर सवाल उठायें लेकिन मर्यादित भाषा में।

सीडी पर निकला समाचार बुलेटिन 

जिस हेतु 2009 में पत्रकारिता में तकनिकी का अभिनव प्रयोग  कर जरुरत मंदों की दबी कुचली आवाज को सीडी के माध्यम से साप्ताहिक समाचार बुलेटिन द्वारा निकलना शुरू किया और जन्म हुआ “सतपुड़ा सिटी नेटवर्क” से “एससीएन न्यूज” का जिसकी समाचारों की सीडी प्रदेश के अधिकांश जिलों के केबल नेटवर्क पर प्रसारित की जाने लगी। यह सेवा TRAI  के केबल संचालक नेटवर्क अधिनियमों के तहत पंजीकृत थी। सीडी में उन समस्याओं को समाचार माध्यम से प्राथमिकता के साथ उठाया जाता जिनका सरोकार जनता व् सरकार से होता।

2009 से  सोशल मिडिया पर सक्रियता 

धीरे धीरे हमारे इस प्रयास की चहु ओर  प्रशंसा होने लगी और तेजी से हम लोकप्रियता के शिखर की ओर बढ़ते चले गए। किन्तु ये सीडी भी साप्ताहिक समाचारों के बुलेटिन की हुआ करती थी। लोगों की आपेक्षाएँ अब हमसे बढ़ गई थी, जिसके फलस्वरूप हमने केबल नेटवर्क संचालकों के साथ मिल लोकल चैनलों पर दैनिक समाचार बुलेटिन निकलना शुरू कर दिया। हमारा मकसद था हर छोटी से छोटी गली मोहल्लो तक की खबर को शासन प्रशासन के संज्ञान में लाना जो प्रमुख समाचारों की भीड़ में खो जाती है। और इस प्रयोग में हम काफी हद तक सफल रहे। वहीँ अब इन समाचारों को हमने 2009 से ही सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर लाना शुरू कर दिया था। फेसबुक -ट्विटर -यूटूब चैनल  इस बात के गवाह है।  और फिर साथ  जन्म हुआ वेब साइड www.scnnewsindia.com का जो  आज मध्यप्रदेश के समस्त जिले / तहसील/ ब्लॉक/ग्राम/गली /कस्बों  में लोकप्रिय बन गई । आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ी जाती है।

हमारी मेहनत, लगन , सच्चाई  व्  ईमानदारी  ने जनता का विश्वास  हासिल करने में हमारी मदद की। जनता के अटूट विश्वास की वजह से लोकप्रिय लोकल न्यूज चैनल में हमारी पहचान बन गई। हमने कई स्थानीय ज्वलंत समस्याओं  मुद्दों पर काम करना शुरू कर दिया,  प्रायः हमारा फोकस उन क्षेत्रों पर रहा जो प्रकाशन से अछूता मिला ,जिसे हाईलाइट करने की जरूरतें दिखी।  गरीब लोग जो दो जून की रोटी के लिए दिन भर पसीना बहाते लेकिन रोटी को मोहताज थे , वो लोग जो पढ़े लिखे होने के बाद भी बेरोजगारी के अँधेरे में जीने को मजबूर थे। और वो लोग जो पात्र हो कर भी सरकारी योजनाओं से महरूम थे। हम उनकी आवाज बने।

यदि कोई कहता है की आपने क्या कमाया , तो निश्चित ही हम स्वीकार करते है की हमने पैसा नहीं कमाया। लेकिन जो हमने कमाया वो मान सम्मान ,गरीबों की दुआएं शायद वो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती। और इसी लिए हम विगत 10  वर्षों से टिके हुए है। बहुत से लोगों को आते जाते देखा है। यदि हमारे देश के वीर शहीद ये सोचते की देश की क्रांति की लड़ाई में उन्हें क्या मिलेगा क्या कमाएंगे तो शायद आप और हम आज भी गुलाम होते। और ये जज्बा हर किसी में नहीं होता कुछ खास ही इसके लिए बने है।

SMS स्क्रेच कार्ड ने मचाया था तहलका (पत्रकारिता में नई तकनिकी की थी विकसित )

सामाजिक दायित्व निभाने की हमारी महत्वकांक्षाये और लोगों की आपेक्षाएँ हमसे बढ़ती गई थी  और एयरकंडीशनर कमरों में बैठे जिम्मेदारों तक मजलूमों की बात पहुँचाने का जूनून सिर  चढ़ कर बोलता रहा। अब सवाल था की हमारी आवाज इस भीड़ में उन जिम्मेदारों तक कैसे पंहुचेगी , हमने मोबाईल तकनिकी का सहारा लिया और शुरू को 2010  में SMS  सेवा  जो ब्रेकिंग न्यूज  माध्यम से रजिस्टर्ड मोबाईल यूजर्स को भेजी जानी लगी , यह सेवा टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया से रजिस्टर्ड थी।  जो क्रांतिकारी पहल साबित हुए लोग पंजीकरण वाऊचर ढूंढते नजरआते । हमारी ये सेवा अब मंत्रालयों के कमरों तक पंहुच गई। मंत्रियों के बंगलों तक पहुंच गई। पुरे प्रदेश में फैले नेटवर्क में हमारे जांबाज पत्रकार रात दिन एक कर त्वरित सूचनाओं को लेकर आते और हम क्रांतिकारी तकनिकी माध्यम से ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट SMS द्वारा लोगों तक पंहुचा देते। जिनमे समाचार ,घटनाएं ,समस्याएं ,योजनाओं को प्रमुखता से लाया जाता। और मिडिया कंटेंट के अधिनियम की  जरुरत के आधार पर हमने scn media privete  limited कंपनी बनानी पड़ी। राजधानी भोपाल से शुरू हुआ ये सफर अन्य राज्यों में भी लोकप्रिय होता चला गया। जिसकी प्रसंशा स्वयं तात्कालिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता सहित अन्य मंत्रियों द्वारा की गई।

SMS  सेवा काफी प्रभावी थी , जिसके त्वरित सकारात्मक परिणाम भी मिले , हमारी यह सेवा पुलिस विभाग के लिए  काफी कारगर साबित हुई , इस सेवा में थाना प्रभारियों से ले कर गृहमंत्रालय तक के नम्बर जुड़े थे।  इसके आलावा प्रदेश के लगभग 10 लाख से भी ज्यादा लोग इस सेवा में पंजीकृत थे।  जिसकी वजह से गली गली एससीएन न्यूज SMS सेवा के वाउचर बिकने लगे पर पत्रकारों को आय का जरिया भी मिल गया। आपको बता दे यह स्क्रेच वाउचर द्वारा SMS सेवा प्रदान करने वाला ब्रेकिंग न्यूज चैनल पुरे भारत में एक मात्रा ब्रेकिंग न्यूज देने वाला पहला और आखरी चैनल रहा।

चूँकि TRAI के नियमानुसार यह सेवा  केवल पंजीकृत मोबाईल नम्बरों पर ही  प्रदान की जा सकती थी अभी भी एक बड़ा तबका त्वरित समाचारों को पाने ने महरूम था और हमारा लक्ष्य उन्हें भी जोड़ना था। जिस हेतु 2013 में इंटरनेट माध्यम से ब्रेकिंग न्यूज नोटिफिकेशन भेजने की अभिनव प्रक्रिया शुरू की गई जो पूर्णतः निशुल्क थी। जिस वजह से अपेक्षा से भी अधिक हमें लोगों का प्रतिसाद मिला। और तेजी से मोबाईल तकनिकी से समाचारों का सम्प्रेक्षण बढ़ता चला गया। हालांकि इस बीच कई उतार चढाव से गुजरना पड़ा। पर जिसका लक्ष्य निर्धारित हो वह अपने पथ से कैसे डीग सकता है। जो सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

2013 में किया मोबाईल एप लांच 

एससीएन न्यूज इंडिया समय के साथ बदलती तकनिकी माध्यमों को स्वीकार कर आगे बढ़ने का नाम है। समय की मांग को देखते हुए एससीएन मिडिया द्वारा एंड्रॉइड और आई फोन यूजर्स हेतु मोबाईल एप लांच किया। जो अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफार्म पर ख्याति प्राप्त हुआ।

V CARE WOMEN SAFETY  महिला सुरक्षा हेतु  –

1 . फ्री मोबाइल एप  – V CARE WOMEN SAFETY APP  ON PLAY STORE FREE DOWNLOAD.

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2. महिला सुरक्षा हेतु  गैस सेफ्टी डिवाइस – जो घर में गैस बचने के साथ आग से होने वाले हादसों से  बचाता है। 

 

3 . ब्लड डोनर लिस्ट भारत के किसी भी शहर किसी भी ब्लड ग्रुप की , सेल्फ एड सिस्टम। 

4 . काल सेंटर – सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक।  जिस पर काल करने के बाद यूज़र्स की काल काट जाती है , और जस्ट काल कटने के बाद ही हमारे सिस्टम से खुद ब खुद उसी नंबर पर काल आ जाती है। ताकि यूजर्स को  बात करने या जानकारी लेने में पैसे ना देने पड़े।  

V care Women Safety Fuondation कॉल सेंटर नम्बर – 04071921101 

Scn news india – Toll Free No.- 07097298142

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