मुख्यमंत्री ने आमनागरिक पर लगाई राजद्रोह की धारा हटाने के दिए निर्देश, पीड़ित परिवार ने माना आभार

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रायपुर -राज्य सरकार के खिलाफ सोशल मिडिया पर बिजली को ले कर टिप्पणी करना राजनांदगांव के मांगीलाल को मंहगा पड़ गया , पुलिस ने मांगीलाल पर राज्य सरकार के खिलाफ बोलने पर राजद्रोह का मामला बना उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । किन्तु जैसे सीएम भूपेश बघेल के संज्ञान में मामला आया उन्होंने तत्काल डीजीपी से राजद्रोह की धारा हटाने  के निर्देश दिए।  जिसके बाद गिरफ्तार व्यक्ति को तत्काल जमानत पर रिहा करना पड़ा। मुख्यमंत्री द्वारा मात्र   12 घंटे में मामले हस्तक्षेप कर राजद्रोह की धारा हटवाने पर मांगीलाल और उनकी पत्नी ने सीएम का आभार माना है। लेकिन उसके विरुद्ध धारा 505 के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीँ यह मामला यूपी  के लिए  एक आइना भी है। जहाँ पत्रकारों के साथ पुलिस की  बर्बरता बरतने के मामले लगातार सामने आये है। जबकि मुख्यमंत्री श्री श्री आदित्यनाथ योगी स्वम् भी एक समाचार पत्र के संस्थापक ,प्रबंध संपादक और पत्रकार रह चुके है। जिन्होंने समाज  की बुराइयों के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़ी  है , जो पत्रकारिता के हर आयाम से भलीभांति परिचित है। पत्रकारों की वेदना जानते है। ऐसे में पत्रकारों की आपेक्षाएँ उनसे और भी बढ़ जाती है। अच्छा होता की वे भी स्वमं इन मामलों में आगे आते।

बरहाल छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली कटौती की अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर गिरफ्तारी करने के मामले के  बाद मुख्यमंत्री बघेल ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का पक्षधर हूं, राजद्रोह की कार्यवाही उचित नहीं है। उन्होंने शुक्रवार को सुबह ही मामले में हस्तक्षेप कर डीजीपी डीएम अवस्थी और फिर बिजली कंपनी के चेयरमैन शैलेद्र शुक्ला से चर्चा कर ये प्रकरण वापस लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने दोनों अफसरों से सीधे सीधे सवाल किया कि आखिर राजद्रोह की धारा कैसे लगी? इस मामले में बिजली कंपनी के विधि विभाग की भूमिका को संदेहास्पद बताया गया है। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद डीजीपी अवस्थी ने मामले की जानकारी मंगाई और पाया कि मामले की जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने किसी भी आला अधिकारी को नहीं दी थी । अति उत्साह में राजद्रोह की धारा समेत एफआईआर दर्ज की गई थी , जो अब अधिकारियों के लिए  फांस बन गई है ।

सोशल मिडिया पर यूजर्स को ध्यान देना आवश्यक  की अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का प्रयोग भी सीमा में रह करें।  किसी धर्म संप्रदाय जाति या व्यक्ति पर ऐसी कोई टिप्पणी करें जिससे भ्रामक उन्माद पैदा हो, या किसी के मान की हानि हो या किसी को ठेस लगे।

गौरतलब है कि बिजली कटौती को लेकर राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित मुसरा के निवासी मांगीलाल ने एक वीडियो बनाया था. जिसमें उन्होंने बिजली कटौती को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने वीडियों में कहा था कि सरकार की इन्वर्टर कंपनियों के साथ सांठगांठ है जिसकी वजह से बार-बार लाइट बंद की जाती है. वीडियो वायरल होने के बाद बिजली कंपनी ने मांगीलाल के खिलाफ पुलिस में राजद्रोह की धारा 124 ए और सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार की धारा 505/1/2 के तहत अपराध दर्ज कराया था. अपराध दर्ज करने के बाद मांगीलाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

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