प्रशासनिक हटधर्मी की शिकार सुविधाओं से वंचित वृद्धा ने आखिर देह त्याग दी

अकोदिया से कृष्णकांत मेवाड़ा

अकोदिया -अकोदिया नगर पंचायत का गैरजिम्मेदाराना व् अमानवीय चेहरा सामने आया है , जहाँ गरीब लाचार एक बूढी वृद्धा महिला को प्रशासनिक  हटधर्मी  एवं लापरवाही के चलते गरीबी रेखा में नाम ना जुड़ पाने की वजह सरकारी सुविधाओं एवं ईलाज से महरूम होना पड़ा वहीँ शासन की तमाम योजनाओ  का भी लाभ नहीं मिल सका । अंततः सुविधा के आभाव में शासन की योजनाओ से वंचित वृद्ध महिला ने देह त्याग दी।  ज्ञात हो की वृद्ध महिला सोदराबाई बिलकुल अकेली थी जिसका कोई सहारा नहीं था। इसकी पुष्टि वृद्ध महिला को जारी किये गए गरीबी रेखा से ऊपर सफ़ेद राशन कार्ड से होती है। लेकिन नगर परिषद् को वृद्धा की पीड़ा नहीं दिखाई दी। और अपनी हटधर्मी के चलते वृद्धा का गरीबी रेखा के बदले गरीबी रेखा से ऊपर का कार्ड जारी कर सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया।

राशनकार्ड में केवल एक ही नाम

ऐसा नहीं की दिवंगत वृद्धा  महिला ने  अधिकारीयों के संज्ञान में मामले को नहीं लाया , नगर पालिका सीएमओ से लेकर जिला कलेक्टर की जनसुनवाई और यहाँ तक प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वकांक्षी सीएम हेल्प लाइन तक में शिकायत की लेकिन स्थानीय नगर पंचायत के कर्मचारी ने सभी को गुमराह कर गलत जानकारी दे कर शिकायतें ख़ारिज करवा दी।  अंततः सोदराबाई इस दर्द को ले कर दुनिया से चल बसी।

 

श्रीमती सोदराबाई को एससीएन न्यूज इंडिया की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि 

मामले में दोषियों पर हो कारवाही 

सरकार द्वारा गरीबो  अनाथो  एवं  वृद्धजनों   के सहायतार्थ   कई  योजनाए चलती है , ताकि आर्थिक तंगी से किसी जरुरत मंद को  पोषण ,स्वास्थ्य , शिक्षा , या ईलाज हेतु वंचित ना होना पड़े।  लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते या पर्याप्त जानकारी के अभाव में कई ऐसे हितग्राही है जिन्हे सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। जिसमे अकोदिया नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी की प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर होती है कि एक गरीब असहाय निर्बल वृद्धा महिला को सुविधा के अभाव में दम तोडना पड़ा।

 

नगर पंचायत का दोहरा चरित्र 

अकोदिया नगर पंचायत में कार्यरत  समंदर सिंह चौहान द्वारा उनके सगे भाई के  जो सरकारी नौकरी में होने के बाद भी बीपीएल का राशन कार्ड  जारी किया  गया  जिस पर हाल ही में 2 से 3 लाख रुपयों की स्वस्थ सुविधा निःशुल्क पाई गई  एवं अकोदिया सीएमओ श्री रमेश चंद जी वर्मा एवं समंदर सिंह चौहान का कहना है कि बीमारी के इलाज के लिए बीपीएल राशन कार्ड बनवाया था।  प्रदेश के मुखिया श्री शिवराज सिंह जी चौहान कहते आए हैं कि मैं गरीब के साथ हूं , “मेरा बल सम्बल ” आदि  लेकिन वहीँ उनके कर्मचारी गरीबों के साथ नहीं है वह पैसे वालों के साथ दिखाई देते है।  एक गरीब लाचार बुजुर्ग महिला का राशन कार्ड समंदर सिंह चौहान द्वारा नहीं बनाया  गया।  आखिरकार उस बुजुर्ग महिला ने अब अब दम तोड़ दिया , वृद्धा के बेटी के पुत्र ने भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है  . उनका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए इन भ्रष्ट कर्मचारियों को सबक सिखा के रहूंगा चाहे मुझे भूख हड़ताल पर क्यों ना बैठ ना पड़े। ताकि किसी अन्य असहाय को इस तरह सुविधाओं से वंचित हो कर प्राण त्यागना ना पड़े।

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