प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी मनमानी पर उतारु अधिकारियों की जानकारी भी भेज रहे है गलत


छतरपुर से प्रद्युम्न फौजदार की रिपोर्ट
बडामलहरा/महिला बाल विकास विभाग में पदस्थ प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी की मनमानी से न सिर्फ जिले की पर्यवेक्षक परेशान है बल्कि अपने ही विभाग के अधिकारियों की गलत जानकारी शासन को भेज रहे है और तो और अपनी गल्ती छिपाने के लिये ठीकरा बाबुओं के मत्थे मढ़ रहे है।जानकारी के मुताबिक संचालनालय म.प्र.शासन भोपाल द्वारा विभिन्न अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी चाही गई जिसमें प्रमुख रुप से संजय कुमार जैन,ऊदल सिंह और प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी शामिल है जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग छतरपुर प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने संचालनालय कोक्षभेजे पत्र क्र.2862/म.बा.वि./2018 के तहत दो अधिकारियों की जानकारी तो सही भेज दी मगर संजय कुमार जैन जो वर्तमान में सागर पदस्थ किये गये है उनकी जानकारी गलत भेजी है बताया गया है कि संजय कुमार जैन जिला कार्यक्रम अधिकारी छतरपुर हाल सागर जिनकी शैक्षणिक योग्यता इतिहास बिषय में स्नातकोत्तर है जबकि प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी द्वारा संचालनालय को भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रस्तुत कर संजय कुमार जैन की शैक्षणिक योग्यता समाज शास्त्र में स्नातकोत्तर दर्शायी गई है।जानकारों की बातों पर यकीन करें तो श्री त्रिपाठी द्वारा गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है संभवतः आंगनबाड़ी ट्रेनिंग सेंटर नौगांव के लिये मुख्य निर्देशिता के पद पर समाजशास्त्र बिषय में स्नातकोत्तर को वांछनीय है उनके द्वारा गलत जानकारी देने से ये अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को षडयंत्र पूर्वक वहां पदस्थ कराना चाहते है।उधर बडामलहरा क्षेत्र में पदस्थ कई पर्यवेक्षकों ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर शिकायत में बताया की परीवीक्षा अवधि हटाने के नाम पर मोटी रकय घूंस बतौर मांगी प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जा रही है नहीं देने पर परेशान किया जा रहा है।


इनका कहना है:-
“शासन द्वारा जानकारी मांगी गई थी जिसके लिये बाबू से मैंने कहा था बाबू ने संजय जैन की फाइल में स्नातकोत्तर में विषय समाजशास्त्र लिखा था इसलिये मैनं डाक से लेटर शासन को भेज दिया अब बदलकर लेटर पुनः इतिहास बिषय लिखकर भेजा जा रहा है रही बात पर्यवेक्षकों से मेरे द्वारा परीवीक्षा अवधि हटाने नाम पर घूंस मांगे जाने की तो पर्यवेक्षकों का आरोप गलत है”
राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी
प्रभारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग, छतरपुर

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