पर्यवरण प्रहरी बनकर जंगल की अवैध कटाई रोकेंगे बच्चे सांगाखेडा मे हुआ अनूभूति कार्यक्रम का आयोजन

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नितिन दत्ता 
तामिया – पर्यवरण प्रहरी बनकर जंगल की अवैध कटाई रोकने स्कूली बच्चो को वन विभाग ने पर्यावरण प्रहरी के तहत स्थानीय वन विभाग के अहम मोबाइल नबरो का कार्ड उपलब्द्ध कराया है जिससे बच्चे पर्यावरण संरक्षण के साथ जंगल की अवैध कटाई की सूचना अपने पालको शिक्षको के माध्यम से तत्काल दे सकेंगे |

मध्यप्रदेश वन विभाग तथा मध्यप्रदेश इकोपर्यटन विकास बोर्ड द्वारा पूरे जिले में स्कूली बच्चो को पर्यवरण संरक्षण जल भू संरक्षण जैवविविधिता वन्य प्राणी सरंक्षण से रूबरू कराने कार्यक्रम चलाया जा रहा है| बुधवार के दिन तामिया उपवनमण्डल के सांगाखेडा परिक्षेत्र में अनूभूति कार्यक्रम के तहत वन भ्रमण कराने के साथ अहम जानकारी दी गई |

अपनी प्रकृति और पर्यावरण सहेजने के लिये स्कूली विधार्थियो को अनूभूति कार्यक्रम के तहत सांगाखेडा वन परिक्षेत्र नेचुरल ट्रैकिंग कराई गयी| मध्यप्रदेश वन विभाग तथा मध्यप्रदेश इकोपर्यटन विकास बोर्ड के तत्वाधान में पश्चिम वनमंडल के सांगाखेडा परिक्षेत्र के अनूभूति कार्यक्रम में स्कूली विधार्थियो का प्रशिक्षण सह जागरुकता अभियान के तहत सैकडो विधार्थियो को वन भ्रमण वन्यप्रणीयो के साथ पर्यावरण स्वच्छता सबंधी जानकारी दी गयी वन अधिकारियो ने विधार्थियो को पेड पौधो का संरक्षण पर्यावरण स्वच्छता सहितअन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी|

 

वन वृत्त छिंदवाडा के सीसीएफ केके गुरवानी, पश्चिम सामान्य वनमंडल छिंदवाडा की डीएफओ डॉ किरण बिसेन के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से चल रहे अनुभूति कार्यक्रम 2019 आयोजन हुआ इस कार्यक्रम में तामिया उप वनमंडल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान मास्टर ट्रैनर्स जेपी शिवहरे, सांगाखेडा रेंजर जेपी रघुवंशी डिप्टीरेंजर श्री कुमरे शिक्षक एंव वन अमला मौजूद रहा | कार्यक्रम मे एसडीओ आरएस चौहान ने कहा कि बच्चे अपने घर परिवार तक अपने अनुभव को साझा कर सकते है इस लिये तामिया में अनुभूति कार्यक्रम मे इस बार बच्चो को पर्यावरण प्रहरी कार्ड दिया गया जिसमे वन विभाग के अहम संपर्क नंबरो का उल्लेख है कई बार वन अपराधो का टोल फ्री नंबर नही लगता है |

बच्चे वन पर्यावरण के प्रति जागरुक रहकर वन अपराध मे अंकुश लगाने अपने घर परिवार के माध्यम से जानकारी देकर सहयोग कर सकते है | बच्चे देश का भविष्य होते है और अनुभूति कार्यक्रम को प्रकृति से जोडने का विचार सभी के सहयोग से पूरा हो गया है | सांगाखेडा रेंजर जीपी त्रिपाठी ने कहा कि अनुभूति कार्यक्रम में विधार्थियो को वनभ्रमण ,वन्य प्राणी संरक्षण पर्यावरण तथा स्वच्छता की जानकारी दी गयी बच्चे जागरुक रहकर सभी को चेताने का काम करते है| विधार्थियो के अनुभूति कार्यक्रम को सामाजिक विकास के लिये सहायक बताया| प्रश्नोत्तरी के दौरान मास्टर ट्रैनर्स श्री चौरसिया ने जब बच्चो

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