निःशुल्क शिक्षा -ऑनलाइन लॉटरी प्रवेश प्रक्रिया में पालकों का सत्यापन कराना आवश्यक

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बैतूल,
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत 30 अप्रैल 2019 से प्रारंभ हुई आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया में पालक फार्म भरने के उपरांत जनशिक्षा केन्द्रों में सत्यापन हेतु उपस्थित नहीं हो रहे हैं। ऑनलाइन लॉटरी प्रवेश प्रक्रिया में सिर्फ वे ही बच्चे शामिल हो सकेंगे, जिनका 29 जून 2019 के पूर्व सत्यापन किया गया हो। गत वर्ष तक लॉटरी प्रक्रिया में नाम आने के उपरांत सत्यापन कराया जाता था, जिससे बच्चों के अपात्र होने पर अन्य बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश का लाभ नहीं मिल पाता था। शासन द्वारा उक्ताशय को ध्यान में रखते हुये प्रवेश प्रक्रिया में परिवर्तन किया गया है। अब ऑनलाइन फार्म भरने के उपरांत सत्यापन प्रपत्र लेकर समीपस्थ जन शिक्षा केन्द्र में सत्यापन कराना आवश्यक है। सत्यापन में पात्र पाये जाने पर ही उक्त बच्चों का नाम ऑनलाइन लाटरी हेतु शामिल किया जाएगा, सत्यापन नहीं करने से फार्म स्वयं ही निरस्त हो जाएगा।
जिला परियोजना समन्वयक श्री आईडी बोडख़े ने बताया कि अभी तक कुल 1159 फार्म पोर्टल पर पालकों द्वारा अपलोड किये गये हैं, किन्तु सत्यापन मात्र 204 पालकों द्वारा ही कराया गया है। श्री बोडख़े ने समस्त एमपी ऑनलाइन एवं कियोस्क सेन्टर से भी अपील की है कि ऑनलाइन फार्म भरने के उपरांत पालकों को जनशिक्षा केन्द्र में उपस्थित होकर सत्यापन करने हेतु अवश्य बताया जाये।
आरटीई के तहत विगत 11 दिवस में 1159 फार्म ही भरे जाने के फलस्वरूप जिला परियोजना समन्वयक ने समस्त विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयको प्रचार प्रसार किये जाने एवं अधिक से अधिक बच्चों को उक्ताशय का लाभ दिलाने हेतु पत्र जारी कर निर्देशित किया है।

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