जिला हैजा अधिसूचित क्षेत्र घोषित

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बैतूल,
कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिथोड़े ने जिले में संक्रामक रोग हैजा की रोकथाम के दृष्टिगत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंधात्मक उपाय प्रभावी किये है। जो आगामी छ: माह की अवधि तक प्रभावशील रहेंगे।
उन्होंने आदेशित किया है कि समूचे जिले को अधिसूचित क्षेत्र मानते हुये सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, उपहार गृहों, भोजनालयों, होटलों में जनता के लिये खाद्य पेय पदार्थ, निर्माण कार्य करने या उनके प्रयोग में लाने के लिए कायम रखी गयी स्थापना में विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये गये स्थान पर बासी मिठाईयों तथा नमकीन वस्तुओं व सड़े-गले फलों व सब्जियों, मांस मछली, अण्डों की बिक्री प्रतिनिषिद्ध रहेगी तथा बांसी मिठाइयां एवं नमकीन वस्तुओं, फल सब्जियों, दूध दही, उबली हुई चाय, काफी, शरबत, मांस मछली, अण्डे, कुल्फी, आईसक्रीम आदि पदार्थ बर्फ के लड्डू व चूसने वाले तरल पदार्थ बिक्री हेतु खुले नहीं रखे जायेंगे, उन्हें जालीदार ढक्कनों से ढंककर अथवा कांच के बंद शोकेस, बंद आलमारी अथवा पारदर्शी आवरण से ढंककर इस प्रकार रखे जाएंगे ताकि वे मक्खी, मच्छर आदि जन्तुओं या दूषित हवा से मानव उपयोग के लिये दूषित या अस्वास्थ्य कारक या अनुपयोगी ना हो सके।
आदेश के तहत प्रतिबंधित अवधि में घोषित अधिसूचित क्षेत्र के बाहर कोई भी व्यक्ति उपरोक्त उल्लेखित वस्तुओं तथा पकाये गये भोजन को न तो लायेगा और न ही ले जायेगा। प्रतिबंधित अवधि में अधिसूचित क्षेत्र के किसी बाजार, भवन, दुकान, स्टाल अथवा खाने पीने के किसी भी वस्तु के विक्रय या निमूल्य वितरण हेतु उपयोग में लाये जा रहे स्थान में प्रवेश अथवा निरीक्षण कर उनमें विद्यमान ऐसी वस्तु की जांच पड़ताल कर तथा खाने पीने की ऐसी वस्तु के विक्रय का मानव उपयोग अभिप्रेत है और जो पदार्थ दूषित या अनुपयुक्त है तो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 95 व 165 में उल्लेख की गई रीति से पाई गई अस्वस्थ कारक, दूषित व अनुपयुक्त वस्तुओं का अधिग्रहण करवाकर हटवाया व नष्ट करवाया जायेगा या उसे ऐसे रीति से निर्वतन किया जायेगा जिससे वह मानव उपयोग में लाई जाने से रोकी जा सके। जनहित में म.प्र. खाद्य अपमिश्रण निवारण नियम 1962 के नियम 5 (5) के अंतर्गत खाद्य पदार्थो के विक्रय संग्रह एवं निर्माण हेतु जारी किये गये खाद्य लायसेंस निलंबित और म.प्र. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 की धारा 7 के अंतर्गत प्रतिबंधित किये जाएंगे एवं न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी। धारा 16 के तहत दण्ड में सजा एवं जुर्माना दोनों का प्रावधान किया गया है।
अधिसूचित क्षेत्र में समस्त कार्यपालिक दण्डाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय/समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी बैतूल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत/जनपद पंचायत, नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक एवं जिला आपूर्ति अधिकारी/सहायक/ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिये प्राधिकृत किया गया है।  उपरोक्त पदाधिकारी अधिसूचित क्षेत्र में किन्हीं नाली-नालियों, गटरों पानी के गड्डों, पोखर, मलकुण्डों, संडासों, संक्रामण वस्त्रों, बिस्तरों, कूड़ा-करवट अथवा किसी भी प्रकार की गंदगी को हटाने व उक्त स्थान को स्वच्छ और रोग कीटाणु से उसका निर्वतन करने अथवा उसके संबंध में समुचित रोगाणुनाशक पदार्थ का समुचित उपयोग करने के लिये आदेश भी दे सकेंगे।

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