“चेकपॉइंट टीपलाइन’ बताएगा व्हाट्सअप के फेक न्यूज की सचाई

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पिछले लोकसभा चुनाव में में सोशल मिडिया का खूब इस्तेमाल हुआ था जिसमे फेसबुक , ट्विटर और व्हाट्सअप  का प्रत्याशियों के आलावा कार्यकर्ताओं ने भी बेजा इस्तेमाल पर चुनाव प्रचार किया , जिसमे फेसबुक का सबसे ज्यादा   उपयोग हुआ था , लेकिन इन 5 वर्षों में व्हाट्सएप्प ने सभी सोशल मिडिया प्लेटफार्म को पीछे छोड़ दिया है।  भारत में वॉट्सऐप के यूजर लगातार बढ़ रहे है  अब तो  मोबाईल बिना  व्हाट्सऐप  के होता ही नहीं ,  ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है , जो लोगों को सीधे एक दूसरे से बड़ी तेजी से कनेक्ट करता है , जिससे इसका जितना प्रयोग होता है उससे ज्यादा दुरूपयोग भी होता है , लोग बिना जाने परखे किसी भी पोस्ट को शेयर कर देते है, और तेजी से वायरल हो जाता है  ऐसे में फेक न्यूज की भी बाढ़ आ जाती है।

इसी समस्या से निपटने के लिए व्हाट्सअप ने फेक और रियल कंटेंट की पहचान  के लिए  फैक्ट चेकर सर्विस ‘Checkpoint Tipline’  लॉन्च की है जिससे यूजर्स चाहे तो किसी भी खबर की लिंक्स को इस पर फॉरवर्ड करके फेक या रियल कंटेंट वेरिफाई कर सकेंगे। इस सिस्टम से टेक्स्ट, इमेज और विडियो फॉर्मेट्स का वैरिफिकेशन भी  किया जा सकेगा। अभी यह सर्विस इंग्लिश, हिंदी, बंगाली, मलयालम और तेलगु भाषाएं को सपॉर्ट करती है।

चेकपॉइंट टिपलाइन 
भारत के यूजर्स किसी तरह की अफवाह या फेक मेसेज की पड़ताल के लिए उसे चेकपॉइंट टिपलाइन  के नंबर  +91-9643000888  पर सबमिट कर सकते हैं । एक बार यूजर की ओर से मेसेज रिसीव होने के बाद PROTO का वेरिफिकेशन सेंटर उसकी पड़ताल करेगा और जांच के बाद यूजर को बताएगा कि मेसेज में दी गई जानकारी सही है या नहीं।  जिसकी  जानकारी को सही, गलत, भ्रामक, विवादित या आउट ऑफ स्कोप में वर्गीकृत कर यूजर्स को रिप्लाई करेगा ।

 

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