खेतों में आग की लपटें और आकाश में उठा धुएं का गुबार,इतनी बड़ी घटना के बाद भी नहीं लिया सबक

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मनीष मालवीय जिला ब्यूरों होशंगाबाद 

होशंगाबाद इटारसी – ग्राम डोलरिया के पास खेत में लगी आग से उठता धुआ देख ग्राम भीला खेड़ी के लोग सेहम उठे। दोपहर के वक्त जब ग्रामीणों ने आसमान में खेत से उठता हूं धुआ देखा लोगों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते खेतों से नरवाई की आग ग्राम भीला खेड़ी तक पहुंच गई। लेकिन समय रहते ग्रामीणों और दमकल के द्वारा आग पर काबू पा लिया गया। होशंगाबाद जिले में कई जगह गेहूं की फसल कटाई का काम निपटने के साथ ही लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। गेहूं की फसल काटकर किसान नरवाई में आग लगा रहे हैं। खेतों से उठते धुएं से लोगों का सांस लेना कठिन हो रहा है। खासकर दमा रोगियों के लिए वातावरण में फैला धुआं दुश्मन बन रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते सुप्रीम कोर्ट एवं जीएनटी के आदेश भी बेअसर है। क्षेत्रीय किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को भी नजरअंदाज करते हुए गेहूं के कचरे में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे है। होशंगाबाद जिले और ग्राम पांजरा में शुक्रवार को नरवाई से लगी आग देखते ही देखते जगह- जगह खेतों खड़ी फसल में आग लगाने से जान माल की हानि हो गई थी ।  जिसमें एक दर्जन से अधिक ग्रामीण आग में झुलस गए वहीं चार लोगों की खेतों में आग बुझाने के दौरान आग में जल जाने से मौत हो गई है|

लेकिन कुछ किसान हादसे अभी भी सबक नहीं ले रहे हैं और अपने लालच के आगे दूसरों को अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं । पर्यावरण बिगड़ने के साथ ही आसपास गांवों में आग फैलने से लोगों को जानमाल को नुकसान की आशंका बन रही है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रोकथाम के प्रयास नहीं होने से किसान गेहू की फसल के अवशेष आग में झोंक रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को नरवाई जलाने से रोकने के लिए समझाइश दे चुके हैं, इसके बाद भी अगर किसान आग लगाने से नहीं माने तो नियमानुसार पुलिस में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में ज्यादातर किसान गेहूं की फसल हार्वेस्टर से कटवा रहे हैं। फसल कटाई के काम से निपटते ही मूग की फसल बोवनी के लिए खेत तैयार करने के लिए नरवाई में आग लगा रहे हैं। अभी भी इलाके में अधिकतर खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। इस तरह आग लगाना खतरे से खाली नहीं है। हालांकि कृषि विभाग द्वारा किसानों को आग लगाने के बजाए फसल अवशेष नष्ट करने के लिए खेत में ट्रैक्टर की मदद से हैरो चलाकर गहरी हंकाई करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कृषि विशेषज्ञों की समझाइश का किसानों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर भी अमल नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन ने किसानों को आग लगाने पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी देकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। कई दिनों से इलाके में रोजाना बड़ी तादाद में किसान फसल अवशेष जला रहे हैं। लेकिन अभी तक एक भी किसान के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि क्षेत्रीय किसान न कृषि वैज्ञानिकों की सलाह मान रहे हैं और न उन्हें कार्रवाई का डर है।

होशंगाबाद जिले में पिछले 3 साल का रिकॉर्ड हुई थी गेहूं की पैदावार लेकिन नरवाई की आग ने कर दिया राख

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक के बावजूद किसानों द्वारा नरवाई जलाने से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। धान उत्पादक क्षेत्र में कई जगह खेतों में आग की लपटों से उठते धुएं का गुबार छाया है। खेतों में आग लगाने से वे किसान भी चिंतित हैं, जिनके खेतों में अभी धान की फसल पकड़कर तैयार खड़ी है।

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