ऐसे जांचें दूध सिंथेटिक है या नहीं – असली नकली की पहचान

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मनोहर
भोपाल -सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिये बहुत घातक हैं जिससे आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है, जो अक्षम्य है। जिला स्तर पर सिंथेटिक दूध बनाने वालों और इसका विक्रय व्यापार करने वालों की धरपकड़ के लिये कार्रवाई जारी है।

सिथेंटिक दूध की पहचान करने के लिये उसे सूंघे, अगर साबुन जैसी गंध आ रही है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है जबकि असली दूध में कुछ खास गंध नहीं आती। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा लगता है। असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि नकली दूध कुछ वक्त के बाद पीला पडऩे लगता है।
दूध में पानी की मिलावट की पहचान के लिये दूध को एक खाली सतह पर छोड़ें। अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है। अगर असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है। दूध में पानी की मिलावट की जांच करने के लिये किसी चिकनी लकड़ी या पत्थर की सतह पर दूध की एक या दो बूंद टपकाकर देखें। अगर दूध बहता हुआ नीचे की तरफ गिरे और सफेद धार-सा निशान बन जाये, तो दूध शुद्ध है। असली दूध को हाथों के बीच रगडऩे पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगडेंग़े तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।

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