एक- दूसरे को शुभकामनाएँ देकर किया नूतन वर्ष का अभिनन्दन

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हर्षिता  वंत्रप 

सारणी – सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित नूतन वर्षाभिनन्दन कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक दूसरे को शुभकामना देकर भारतीय नव संवत्सर का स्वागत किया। इस अवसर पर सतपुड़ा सरस्वती शिक्षा समिति के अध्यक्ष अंबादास सूने ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दू नववर्ष धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ उत्साह और उल्लास का पर्व भी है क्योंकि इस समय नई फसल का आगमन, वृक्षों में नई कोपलें आ जाती हैं। प्रकृति का परिवर्तन हमारे भीतर नये उत्साह का संचार करता है।

समिति उपाध्यक्ष डीपी मिश्रा ने अपने उद् बोधन में बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष का प्रारंभ माना जाता है। इसे सम्राट विक्रमादित्य के नाम से विक्रम संवत के रूप में भी मनाया जाता है। श्री मिश्रा ने कहा कि आज के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का सृजन किया था। धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हुआ था। इस दिन भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। विद्यालय के प्राचार्य राजेन्द्र तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारतमाता के सच्चे सपूत एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिन भी है, जिन्होंने भारतीय समाज को संगठित करने के लिए संघ की स्थापना की और हिन्दू समाज को शाखा का मंत्र दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य श्रीमती अनीता कोसे ने भी अपने विचार व्यक्त किए और नव संवत्सर के वैज्ञानिक महत्व को समझाया ।नूतन वर्षाभिनन्दन कार्यक्रम में समिति सचिव योगेन्द्र ठाकुर,सुनील शर्मा, दीपक वर्मा, गेंदराव धोटे, सरिता तिवारी, भारती तिवारी, अनय ठाकुर सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

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