ई -टेंडर घोटाला मामले में 3 हिरासत में पूछताछ जारी

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मनोहर

भोपाल – मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कल कराइ गई ई -टेंडर घोटाला मामले की कारवाही तेज हो गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जाँच में पाया है की टेंडेंट में टेम्परिंग बेंगलोर स्थित गेट-वे से की गई  है। जिसमे सम्बंधित 3 लोगो की हिरासत  पूछताछ जारी है।  बताया जा रहा है की  पकडे गए  आरोपित तो मात्र छोटी मछली है , पुलिस को इस मामले में बड़ा सुराग हाथ लगा है जिसमे कई बड़े सफ़ेद मगरमच्छ के कारनामों पर से पर्दा उठ सकता है। हालांकि अभी सभी बाते सूत्रों के हवाले से बाहर आई है। अधिकृत पुष्टि होनी बाकी है। बता दे  की ई टेंडर मामले में EOW जांच कर रही है जिसमे सरकारी टेंडर में हेराफेरी कर डिजिटल सिगनेचर चुरा कर टेंडर में टेम्परिंग की गई फिर  रि-सब्मिट किया गया। जिसे ट्रेस कर लिया गया है। इस खुलासे ने तो जैसे मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग व्यवस्था  और डिजिटल इण्डिया  की पोल खोल कर रख दी है और इसके बाद एक के बाद एक विभागों में ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम में हुये घपले के मामले सामने आ रहे हैं. अभी तक अलग-अलग विभागों के 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा के टेंडरों में गड़बड़ी सामने आ चुकी हैं जिसमें मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल निगम, महिला बाल विकास, लोक निर्माण, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, नर्मदा घाटी विकास जल संसाधन सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं।

दरअसल इस पूरे खेल में ई पोर्टल में टेंपरिंग से दरें संशोधित करके टेंडर प्रक्रिया में बाहर होने वाली कंपनियों को टेंडर दिलवा दिया जाता था, इस तरह से मनचाही कंपनियों को कांट्रेक्ट दिलवाने का काम बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जाता था।  ई – टेंडरिंग  मामले में FIR दर्ज होने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुप्पी साध रखी है।

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