आतंक की आंग मे नही झुलसेंगे हम मैदानो मे हमारे प्रह्लाद आ गये – मुबीनुद्दीन खिलजी

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  • तुलतुला मंदिर प्रांगण मे हुआ भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन

नितिन दत्ता 
तामिया – चैत्र नवरात्री नूतन मंगलमय वर्ष के अवसर पर तामिया मे पहली बार सिंहवाहिनी नैनादेवी तुलतुला मंदिर के पहाडी प्रांगण में विराट हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ| तुलतुला मंदिर प्रांगण में निर्धारित समय 8 बजे से शुरु हुये कवि सम्मेलन में श्रोतायो ने देर रात्री तक आनंद लिया | कार्यक्रम का शुभारंभ तुलतुला मंदिर के पुजारी झीनानंद महाराज यज्ञाचार्य पंडित प्रीतम चौबे, सुनील साहू कार्यक्रम व्यवस्थापक कोमल कोरी अरूण गढेवाल जुगाडू श्रीमति मीरा ग़ढेवाल की उपस्थिति में देवी सरस्वती देवी शक्ति के पूजन तथा जबलपुर से आयी कवियित्री अर्चना अर्चन ने सरस्वती वंदना के साथ हुआ | कवि सम्मेलन मे कुशल मंच संचालन श्रीकृष्ण शर्मा ने करते हुये दर्शको को जमकर गुदगुदाया |

कार्यक्रम के सूत्रधार कवि कोमल कोरी ने 13 अप्रैल को जलियावाला बाग हत्याकांड के 100 साल पूरे पर अपनी रचना जनरल डायर ने किया था कायरता का काम है,जलियावाला बाग मे मचाया कोहराम है, काल भी रोक पाया उधम की प्रतिज्ञा को,अपने ही हाथो उसका किया काम तमाम है सुनाकर सभी को इतिहास की उस घटना का प्रतिबिम्ब दिखाया श्री कोरी ने 14 अप्रैल बाबा साहब को नमन करते हुये वंचित वर्ग के मसीहा को अपनी पंक्तियो से सादर नमन करते हुये तामिया के मजदूर कर रहे पलायन पर कविता सुनाकर अपनी चिंता जताई | देश के मश्हूर गजलकार जुन्नारदेव के मुबीनउद्दीन खिलजी ने सर्जिकल स्टाईक,शहादत पर कहा कि “हजारो हंसती हुई आंखो को पुरन्नम बनाते है, बडे जालिम है वो लोग जो बम बनाते है, लगाकर सदभावना की तस्वीर हम आयो मिलकर भारत का नया एलबम बनाते है” इसके साथ ही “ये लम्हे बडी मुद्दतो के बाद आ गये, जिन्हेहम भूल गये सब याद आ गये, किसी आतंक की मे नही झुलसेंगे हम मैदानो मे हमारे प्रह्लाद आ गये* | करेली के व्यंगकार सुनील तन्हा ने कहा कि जो दर्द देते है वो बेदर्द होते है जो दर्द लेते है हमदर्द होते है जो दर्द लेते है ना देते है वो बडे सरदर्द होते है सहित अन्य रचना सुनाकर सबको जमकर हसाया | जबलपुर से आई अर्चना अर्चन ने नही था गम कोई सभी आराम होते थे, हरेक देवी के दर्शन मुझे सुबहो शाम होते थे, मै थककर चूर होकर कर घर जाती थी जब, लिपट जाती थी मॉ से तो चारो धाम होते थे | बालाघाट से साहब लाल सरल ने बच्चो की कम्प्युटर मोबाइल की लत पर कम्युटर को जेब के अंदर लेकर दुनिया डोली, बच्चे बोल रहे अब इंटरनेट की बोली सुनाकर सबको तकनीक के नुकसान भी बताये | पिपारिया के कवि नवीन व्यास पिपारिया ने किये थे वादे जितने तुमसे वह निभाना चाहता हू,मै तुम्हारे साथ जीना चाहता हूँ बुंदेली गीत सुनोविज्ञानी यार पगली बनाये गयो जाको चमत्कार सुनाये राजेश जायसवाल ओज कवि पिपारिया लोकतंत्र की छांव मे अटक रहे जो प्राण है, खडी फसल को लगे है चरने आजादी के सांड है, करेली नरसिंगपुरा के सुनील तन्हा ने कौन कहता है मूर्ति मौन है बोलती तो है पर सुनता कौन है अर्चना अर्चन जबलपुर हंसी मौसन ना होता हंसी सावन नही होता अगर तुम साथ ना होते,तो ये गुलशन नही होता सुनाई वही बरेली से आये पैरोडीकार बिरजू साहू ने ये कहा आगये हम राह चलते चलते, इससे अच्छा तो था वही बैठे राम राम भजते के साथ बाबाओ की करतूत पर व्यंगात्मक शैली से प्रहार किया |
तुलतुला मंदिर समिति ने सम्मान कर आभार जताया – रात्री मे कवि सम्मेलन के सफल आयोजन मे तुलतुला मंदिर से जुडे देवीभक्त सुनील साहू ने कार्यक्रम के सूत्रधार शिक्षक कोमल कोरी अरूण गढेवाल जुगाडू श्रीमति मीरा गढेवाल के प्रति सफल आयोजन के लिये आभार जताते हुये कहा कि अर्चना अर्चन मुबीन खिलजी सहित अन्य शख्सियते आज हमारे बीच मे इन्ही के प्रयासो से पहुंची है| मंच पर सभी अर्चना अर्चन गीत गजल जबलपुर,मुबीन उद्दीन खिलजी देशभक्ति गजल जुन्नारदेव, साहबलाल सरल, छंद बालाघाट, ओज कवि पिपारिया, सुनील तन्हा पेरोडीकार करेली, श्रीकृष्ण शर्मा, व्यंग ओज पिपारिया, नवीन व्यास पिपारिया, बिरजू साहू , राजू जायसवाल कोमल कोरी अरूण गढेवाल पिपारिया को मातारानी की चुनरी तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया इस मौके पर तुलतुला मंदिर के पुजारी झीनांद महाराज, पंडित प्रीतम चौबे,शेख राशिद चिश्ती, विनोद साहू हैप्पी क्लब के दीपक साहू,विनोद डेहरिया महेंद्र डेहरिया,धर्मेंद्र वासनिक शंकर पाल सहित अन्य मौजूद रहे|

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