आचार संहिता उलंघन मामले में नोटिस

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सारनी – नगरपालिका परिषद् में  चल रहे युवा स्वाभिमान योजना में नपाध्यक्ष पति एवं कांग्रेस नेता  महेंद्र भारती के द्वारा आचारसंहिता के उलंघन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिसमे चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए जाँच दल को सारनी मामले की तहकीकत  जानने हेतु भेजा ,दल  ने शिकायत कर्ताओं के अलावा महेंद्र भारती , सीएमओ (टेलीफोनिक बयान  ), नगर पालिका कर्मचारी प्रभारी युवा स्वाभिमान राजू निरापुरे  के अलावा प्रशिक्षणार्थियों से बयान लिए है।  सभी ने अपने बचाव में अपना पक्ष रखा है।  आदर्श आचार संहिता के उलंघन मामले में नगर पालिका कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।  देखा जाए तो  प्रशिक्षणार्थियों का बयान ही ये स्पष्ट करता है कि पालिका में उस दिन आचार संहिता का उलंघन तो हुआ है।  अब चाहे नगर पालिका कर्मचारी कार्यक्रम प्रभारी ने उन्हें बुलाया हो या ना  बुलाया हो ,उनका साथ बैठना ही आचार संहिता की उलंघन की श्रेणी में आता है।

नगर पालिका सारनी  में काम कम और विवाद ज्यादा

नगर पालिका सारनी  में काम कम और विवाद ज्यादा होते है , कारण सिर्फ एक ही है की वर्षों से जमे अधिकारी कर्मचारी जिनमे  प्रशासनिक नियमों का भय समाप्त हो चूका है।  जनता  की परेशानी एवं  जनहित के कार्यों के प्रति सरोकार कम ही है। ये हम नहीं पूरा शहर कहता है। फिर शासन चाहे किसी भी सरकार का हो ,नगर पालिका में बीते 20 वर्षों से यही चला आ रहा है। आरोप प्रत्यारोप के सिवाय पालिका में दूसरे काम नहीं बचे , बचे भी है तो , अनावश्यक खरीदी , बे वजह के निर्माण कार्य , जबरन के मेंटेनेंस ,  यदि बीते 20 वर्षों का हिसाब किताब निकले तो करोड़ों की खरीदी गई सरकारी सम्पति कबाड़ में कांजीहाउस में बने स्टोर रूम में मिल जायेगी। जो जनता की गाढ़ी कमाई की वसूले गए टेक्स से खरीदी गई थी ,कई वाहन जमीन में ढूढ़ने पड़ेंगे। ये हाल किसी एक विभाग का नहीं सभी विभाग का है। सच पुछ तो नगर पालिका के पास वार्ड नम्बर 1 -2  ओर 3 के आलावा वार्ड 36 बगडोना की ही जिम्मेदारी है , बाकी के वार्डो में सफाई पानी बिजली आदि के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी एवं वेस्टर्न कोल फिल्ड लिमिडेट की जवाब देहि है और इस लिए इनके पास आपने सिस्टम है अपना अमला है। लेकिन 36 वार्डों की जिम्मेदारी का ढिढोरा पीटने वाली पालिका केवल टेक्स बटोरती है। विकास के नाम पर   आज भी कुछ टंकिया है जो बरसों से पानी को तरस रही है। पाथाखेड़ा ,कालीमाई,  शोभापुर  के निचली बस्ती के लोग बिजली को तरस रहे है , मेन रोड को छोड़ वार्डो की गालियां सफाई को तरस रही है।  प्रधान मंत्री आवास लोगों के लिए तरस रहे है। विकास हुआ है तो केवल नगर पालिका का जो कभी किराये के एक कमरे में हुआ करती थी , आज खुद की भव्य दो मंजिला इमारत में है। और साइकिल से चलने वाले नपा कर्मचारी लक्जरी लाइफ स्टाईल में आ गए है। जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि  कल आज और कल सारा चिठा खोल देगी। एक दो है जो ईमानदारी से  अपना काम करते है।  एक कहावत है – बिल्ली हमेशा आँख बंद कर दूध पीती है , उसे लगता है कोई नहीं देख रहा ” जो नगर पालिका पर फिट बैठती है। ये हमारा  नहीं उस हर गरीब  आदमी  का नगरपालिका से सवाल है जो कई दिनों से अपने छोटे से काम के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहा है।

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